12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

स्वप्रेरणा से जुटे रहवासी, ताकि इस बार स्वच्छता में रैंकिंग हो बेहतर

स्वच्छता में शहर को बनाएं नंबर वन

2 min read
Google source verification
स्वप्रेरणा से जुटे रहवासी, ताकि इस बार स्वच्छता में रैंकिंग हो बेहतर

स्वप्रेरणा से जुटे रहवासी, ताकि इस बार स्वच्छता में रैंकिंग हो बेहतर

भोपाल. राजधानी को स्वच्छ बनाने के अभियान में नगर निगम के साथ कई जागरूक नागरिक भी कदम से कदम मिला रहे हैं। स्वच्छता की अलख जगाने वाले ये शहरवासी स्वप्रेरणा से जुटे हैं। कोई रहवासी समिति हर शनिवार-रविवार परिसर स्वच्छ करती है तो किसी मोहल्ले में प्लास्टिक के उपयोग को घटाने की कवायद हो रही है। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में भोपाल की रैंकिंग बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
निगम के सिपहसालार जो फील्ड के हैं मास्टर
जोन दस के प्रभारी बलवीर मलिक ने भोपाल स्टेशन के आसपास गंदगी पर दुकानदारों व मल्टी के रहवासियों को समझाइश दी। जब नहीं माने तो जुर्माना ठोका।
जोन एक के एएचओ रविकांत औदिच्य के बैरागढ़ में स्वच्छता को लेकर किए गए प्रयासों को अन्य वार्डों में अपनाया जा रहा है।
जोन 16 के एएचओ दिनेश पाल ने गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बल्क जनरेटर्स के गंदगी फैलाने पर सख्ती से कार्रवाई की। वे पॉलीथिन जब्ती दल के भी सदस्य हैं।
जोन आठ एएचओ अजय श्रवण ने 21 टन पॉलीथिन पकड़ी और दो लाख रुपए का जुर्माना किया। वे विजिलेंस टीम के सदस्य हैं।
मोहल्ले और परिसर जिनके रहवासियों की निगम पर निर्भरता नहीं
बागमुगालिया एक्सटेंशन के रहवासी कई सालों से पॉलीथिन के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं। रहवासी समिति अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी हर रविवार रहवासियों के साथ क्षेत्र में जगह-जगह बिखरी पॉलीथिन इक_ी कर नगर निगम के कचरा वाहन के सुपुर्द करते हैं। ये मुहिम स्वच्छता अभियान का हिस्सा है। रहवासियों ने पॉलीथिन और प्लास्टिक उत्पाद के उपयोग पर स्वप्रेरित प्रतिबंध लगा रखा है। इनके बहिष्कार के लिए सभी को प्रेरित करते हैं।
होशंगाबाद रोड स्थित डिवाइन सिटी के रहवासी हर शनिवार-रविवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाते हैं। रहवासी समिति अध्यक्ष बॉबी शर्मा की अगुआई में रहवासी परिसर में सफाई के लिए जुटते हैं। 450 फ्लैट की इस कॉलोनी में पार्क, अंदरूनी सड़कों, पार्किंग के साथ ही कॉमन एरिया के दरवाजे-खिड़कियां साफ की जाती हैं। यहां से निकलने वाले कचरे के निष्पादन के लिए रहवासी नगर निगम के भरोसे नहीं हैं। यहां कम्पोस्ट यूनिट लगाई है, जो इस कचरे को खाद में बदल देती है।
मिसरोद से सटी श्रीराम कॉलोनी में सीवेज ट्रीटमेंट लगाया गया है। डेढ़ साल पहले जब इस कॉलोनी में सीवेज निकासी की समस्या थी, तब रहवासियों ने यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगवाया। रहवासी समिति अध्यक्ष सुनील उपाध्याय बताते हैं कि प्लांट से निकले पानी का उपयोग कॉलोनी के पार्क को सींचने में किया जाता है। ट्रीटमेंट प्लांट से बनने वाली खाद मिसरोद एवं आसपास के किसानों को उपलब्ध कराई जाती है।
(नोट: ये तो चंद उदाहरण हैं। इसके अलावा भी कई रहवासी समितियों की अगुआई में रहवासी स्वप्रेरणा से स्वच्छता की अलख जगा रहे हैं।)