
भोपाल : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिग्विजय सिंह समर्थक मानक अग्रवाल को कांग्रेस ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उनके बयानों को अनुशासनहीनता मानते हुए ये कार्यवाही की। मानक अग्रवाल ने हिंदू महासभा के बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में शामिल करने पर विरोध जताया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि कमलनाथ जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह गोडसे की विचारधारा के साथ हैं या गांधी जी की विचारधारा के साथ। जिस तरीके से उन्होंने अडानी और अंबानी की तारीफ पिछले दिनों में की है उससे यह स्पष्ट होता है कि वह हमेशा से पार्टी की विचारधारा के विपरीत चले हैं।
पीसीसी में हुई प्रदेश अनुशासन समिति की बैठक में कहा गया कि मानक अग्रवाल के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में उनके आचरणों के संबंध में विस्तृत उल्लेख किया गया है। मानक अग्रवाल के पिछले दिनों दिये बयान पार्टी की रीति-नीति के खिलाफ और उनकी कार्यशैली पूरी तरह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है। मानक अग्रवाल के इन अनुशासनहीन कार्यों का कदाचरण के संबंध यह निर्णय लिया गया कि उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है।
अनुशासन समिति को कार्यवाही का अधिकार नहीं :
मानक अग्रवाल ने कहा कि वे चुने हुए एआईसीसी के सदस्य हैं इसलिए प्रदेश की अनुशासन समिति को उनके खिलाफ किसी भी तरह का फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है। इस मामले में मानक अग्रवाल ने वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। मानक ने कहा कि उनके खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया गया है जबकि गोडसे समर्थक बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने का विरोध तो वरिष्ठ नेता अरुण यादव, लक्ष्मण सिंह और मीनाक्षी नटराजन ने भी किया था तो उन पर ही कार्यवाही क्यों की गई।
Published on:
15 Mar 2021 06:55 pm
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