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स्वाइन फ्लू की महंगी दवाओं से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू नुस्खे

स्वाइन इंफ्लुएंजा को स्वाइन फ्लू के नाम से भी जाना जाता है जो कि इंफ्लुएंजा वायरस से होता है और यह वायरस सूअरों के श्वसन तंत्र से निकलता है।
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भोपाल

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Juhi Mishra

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Updated: 11 Aug 2017, 9:28 AM IST

Swine Flu

Swine Flu

भोपाल। इन दिनों शहर में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। मौसम बदलने के साथ ही स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। स्वाइन इंफ्लुएंजा को स्वाइन फ्लू के नाम से भी जाना जाता है जो कि इंफ्लुएंजा वायरस से होता है और यह वायरस सूअरों के श्वसन तंत्र से निकलता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि यदि इसका सही समय पर इलाज शुरू नहीं हुआ तो जान पर बन आ सकती है। ऐसे में यदि आप इस संकट से बचना चाहते हैं तो आयुर्वेद में बताए इस इन घरेलू नुस्खों को रोजमर्रा की आदत बना लें।

तुलसी के पत्ते
तुलसी की पत्तियाँ दोनों तरफ से धुली हुई तुलसी की पत्तियाँ रोज सुबह लें। तुलसी का अपना एक चिकित्सीय गुण है। यह गले और फेफड़े को साफ रखती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर इसके संक्रमण से बचाती है।

गिलोई का इस्तेमाल
गिलोई कई क्षेत्रों में सामान्य रूप से पाई जाती है। गिलोई की एक फुट लंबी शाखा लें इसमें तुलसी की 5-6 पत्तियाँ मिलाकर इसे 15-20 मिनट तक उबाल लें, जब तक कि इसमें इसके तत्व ना घुल जाएँ। इसमें स्वादानुसार काली मिर्च, सेंधा नमक (यदि व्रत है तो) या काला नमक, मिश्री मिला लें। इसे ठंडा होने दें और गुनगुने का सेवन करें7 इम्यूनिटी के लिए यह कारगर है।

कपूर की गोलियां
कपूर गोली के आकार का कपूर का टुकड़ा महीने में एक या दो बार लिया जा सकता है। बड़े लोग इसे पानी के साथ निगल सकते हैं और छोटे बच्चों को यह आलू या केले के साथ मलकर दे सकते हैं क्यों कि इसे सीधा लेना मुश्किल होता है। याद रखें कपूर को रोजाना नहीं लेना है इसे महीने में एक बार ही लें।

लहसुन करेगा मदद
जो लोग लहसुन खाते हैं वे रोज सुबह दो कलियाँ कच्ची चबा सकते हैं। यह गुनगुने पानी से लिया जा सकता है। अन्य चीजों की बजाय लहसुन से इम्यूनिटी ज्यादा बढ़ती है।

गुनगुना दूध बनाएंगा सेहत
जिन लोगों को दूध से एलर्जी नहीं है वे रोज रात को दूध में थोड़ी हल्दी डालकर ले सकते हैं।

एलोविरा या ग्वारपाठा
ग्वारपाठा आसानी से उपलब्ध पौधा है। इसकी कैक्टस जैसी पतली और लंबी पत्तियों में सुगंध रहित जैल होता है। इस जैल को एक टी स्पून में पानी के साथ लेने से त्वचा के लिए बहुत अच्छा रहेगा, जोड़ों का दर्द दूर होगा और साथ ही इम्यूनिटी बढ़ेगी।

नीम की पत्तियां
नीम में हवा को साफ करने का गुण होता है जिससे यह वायुजनित बीमारियों के लिए कारगर है, स्वाइन फ्लू के लिए भी। आप खून को साफ करने के लिए रोज 3-5 नीम की पत्तियाँ चबा सकते हैं।

रोज करें प्राणायाम
रोजाना प्राणायाम करें गले और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना प्राणायाम करें और जॉगिंग करें। आपको स्वस्थ रखने के साथ ही यह हर बीमारी के लिए फायदेमंद है जो कि नाक, गले और फेफड़ों से संबन्धित हैं।

खट्टे फल बड़े काम के
विटामिन सी खट्टे फल और विटामिन सी से भरपूर आंवला जूस आदि का सेवन करें। चूंकि आंवले का जूस हर महीने नहीं मिलता है (खास तौर पर चार महीने) ऐसे में आप पैक्ड आंवला जूस भी ले सकते हैं।