
अशोकनगर। लोग पैसा कमाने के लिए व्यवसाय के लिए राजनीति को ले रहे हैं मूलतः राजनीति सेवा के लिए समाप्त हो गई है यश और धन के लिए लोग राजनीति ज्वाइन करते हैं यह बात पत्रिका कार्यालय में आयोजित स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रिटायर्ड प्रोफ़ेसर एसएन सक्सेना ने कही। उल्लेखनीय है कि राजनीति में शुद्धिकरण के लिए पत्रिका द्वारा चेंज मेकर अभियान चलाया जा रहा है जिसमें लोगों ने पिछले दिनों पत्रिका एप डाउनलोड कर अपने फार्म भरे थे।
उन आवेदनों की जांच करने के बाद कमेटी के सदस्यों ने अपनी राय रखी। प्रोफेसर एस एन सक्सेना ने कहा कि हम अशोकनगर की बात करें तो लोकसभा की सीट के लिए एक ही परिवार के लोग परिवारवाद से जुड़े हैं और विधानसभा सीट आरक्षित हो गई है सामान्य लोग को लाभ के लिए चांस नहीं है फिर भी सैकड़ों लोग सक्रिय राजनीति में हैं जो सड़क पर सिर्फ नारे लगा रहे हैं और अपनी जीविका चला रहे हैं ऐसे में कुछ लोग आगे आऐ जिन्हें धन और यश का लोभ न हो राजनीति का शुद्धिकरण करना चाहते हो समाजसेवा व देश हित में काम करना चाहते हो ऐसे लोगों को आगे आना चाहिए।
जितेन्द्र कोठारी लंकेश ने कहा की, मेरी नजर में राजनीतिक पदों पर युवक पढ़े लिखे लोगों का होना बहुत जरूरी है क्योंकि समाज के हर क्षेत्र में तकनीकी का इस्तेमाल होता है वर्तमान में अधिकांश जनप्रतिनिधि बहुत कम पढ़े-लिखे दिखाई दे रहे हैं इसका प्रभाव सीधा-सीधा समाज पर पड़ता है इससे जनता की भूमिका यह होना चाहिए वह ऐसे लोगों को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करें जिनमें समाज सेवा और जनहित में कार्य करने की ऊंची क्षमता और दक्षता हो अगर हमारे सामने ऐसे लोग प्रत्याशी के रूप में नहीं आते तो जनता को नोटा का इस्तेमाल करना चाहिए।
सुनील अग्रवाल ने बताया कि जब तक चुनाव में धनबल बाहुबल का इस्तेमाल कम ना हो तब तक राजनीतिक स्वच्छता की बातें बेमानी है वर्तमान में कोई भी चुनाव छोटे से छोटा पार्षद से लेकर बड़ा चुनाव बिना धनबल के जीता नहीं जा सकता इसलिए वर्तमान में राजनीति समाजसेवी लोगों की अपेक्षा इनवेस्टर लोगों की ज्यादा जगह हो गई है।
महिला सदस्य डॉक्टर सुषमा गोयल ने बताया कि राजनीति के शुद्धिकरण के लिए योग शिक्षित समाज सेवी महिलाओं को आगे आना जरूरी है क्योंकि महिलाएं जो भी कार्य करती हैं वह पूरे समर्पण भाव से करती हैं सेवा से रिटायर्ड हो या उच्च पद से रिटायर हो ऐसे व्यक्ति का राजनीति में आना देश की उन्नति और समाज की उन्नति के लिए अच्छा कार्य हुआ गरीब तबके को जो स्वालंबी बनाएं ऐसे व्यक्ति को आगे लगाना जरूरी है।
सदस्य शिरीष खैर ने बताया कि इलेक्शन कमिशन को ऐसी बॉडी बना दिया है। वह केवल निगरानी रख रही है उनका कोई औचित्य नहीं हो रहा ।चुनाव स्टोन की पावर इतनी नहीं है कि गलत चुनाव होने पर जल्द एक्शन लिया जाए गलत व्यक्ति जीतकर पूरे 5 साल का समय निकाल देता है इसके बाद उसका निर्णय आता है। उन्होंने बताया कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का हम पहले बैकग्राउंड देखें इसके बाद अपना वोट दें।
Published on:
11 May 2018 03:01 pm
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