
भोपाल.
मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के जिंसी से आगे पुलबोगदा-करोद तक बाधक निर्माणों को हटाने प्रशासन की टीम ने बुधवार को टिंबर मार्केट व इरानी डेरे में पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। इन्हें विस्थापित होने के लिए तय मुआवजे व विस्थापन की जानकारी दी। लोगों ने प्रशासनिक अफसरों का कहा, मुआवजा कम है। हम यहां से हटेंगे तो हमारे धंधे के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। पुराने शहर के एसडीएम एलके खरे के साथ प्रशासनिक अफसर यहां पहुंचे थे। गौरतलब है कि सुभाष ब्रिज से आगे पुलबोगदा पर जंक् शन बनाने और एशबागर से अंडरग्राउंड लाइन करने में कई बाधक निर्माण है। अधिकांश सरकारी जमीन पर काबिज है, लेकिन बिना बेहतर मुआवजे व विस्थापन के हटने तैयार नहीं है। प्रशासन ने एडीएम के नेतृत्व में इसके लिए टीम गठित की है जो लोगों की बात सुनकर उन्हें हटने के लिए मना रही है। इसके तहत ही टीम निरीक्षण के लिए पहुंची थी।
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Published on:
01 Aug 2024 11:19 am
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