
भोपाल की ऑरेंज मेट्रो का पहला रैक सुभाष डिपो के ट्रैक पर उतर गया
भोपाल. भोपाल की ऑरेंज मेट्रो का पहला रैक सुभाष डिपो के ट्रैक पर उतर गया। इसके लिए दो विशेष क्रेन लगाई गईं थीं। करीब 50 फीट ऊंचाई की क्रेन से Bhopal metro मेट्रो कोच की बॉडी को होल्डर की मदद से कसा गया। कोच को क्रेन से उठाकर ट्रॉला निकाला। इसके बाद धीरे-धीरे कोच को डिपो के अनलोड वे के ट्रैक पर रख दिया गया गया। यहां वैकल्पिक इंजन की मदद से कोच को करीब 100 मीटर तक ट्रैक पर चलाया गया। सुबह साढ़े दस बजे कोच को अनलोड वे पर रखने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम चार बजे तक तीनों कोच उतार दिए गए थे।
पूजा कर नारियल फोड़ा
- कोच को अनलोड वे पर रखने के पहले पूजा की गई। यहां नारियल फोड़ा गया। Bhopal मेट्रो ट्रेन काॅरपोरेशन, जनरल कंसलटेंसी के इंजीनियर अधिकारियों के साथ मीडिया के सामने कोच को अनलोड वे पर रखा गया। कोच नीले रंग की पैकिंग में था। अनलोड वे पर रखकर इसका आगे का हिस्सा खोलकर मुंह दिखाई भी की गई। जिस ट्रॉले में कोच लाए गए, उसमें इंजन के दस पहिए मिलाकर कुल 106 पहिए थे। पूजन कार्यक्रम में एमडी मनीषसिंह को पहुंचना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उनकी जगह पर निदेशक मेट्रो प्रोजेक्ट सिस्टम शोभित टंडन ने नारियल फोड़ा।
गणेश चतुर्थी पर डिपो में, अनंत चतुर्दशी के पहले मुख्य ट्रैक पर चलेगी
- मेट्राे की पहली रैक के कोच को अभी असेंबल करना बाकी है। इनमें तमाम तरह की सुविधाएं, बैटरी और अन्य उपकरण जोड़े जाना हैं। कोच को स्वचालित बनाने के लिए काफी कनेक्शन करने हैं। इसमें पांच से छह दिन का समय लगेगा। सोमवार को गणेश चतुर्थी पर मेट्रो के सुभाष डिपो के ट्रैक पर उतरे कोच के अनंत चतुर्दशी तक या इससे पहले मुख्य ट्रैक पर चलने की उम्मीद है।
एक माह में खुलेगा जिंसी का रास्ता
- मेट्रो डिपो के लिए सुभाष अंडरब्रिज के सामने से जिंसी तक का रास्ता बंद किया हुआ था। डिपो पर कोच अपलोड होने के बाद अब इस बंद रास्ते को खोला जाएगा। एक माह में यहां सीमेंट कांक्रीट की नई रोड तैयार कर एमपी नगर से जिंसी के बीच का रास्ता बेहतर कर दिया जाएगा।
असेंबलिंग के बाद सेफ्टी ट्रायल
- रैक के कोच को असेंबल करने के बाद सेफ्टी ट्रायल होगा। इसके लिए दिल्ली से एक्सपर्ट टीम भोपाल आएगी। डिपो से रैंप की मदद लेकर रैक को सुभाष नगर स्टेशन पहुंचाया जाएगा। रानी कमलापति तक चलाकर सेफ्टी ट्रायल होगा। ओके रिपोर्ट के बाद फायनल ट्रायल की तारीख तय कर ट्रायल किया जाएगा। कमर्शियल रन जून 2024 तक ही होने की उम्मीद है। तब तक रानी कमलापति से एम्स तक का बचा हुआ हिस्सा भी तैयार हो जाएगा।
छह स्टेशनों पर बनेंगे एफओबी
- सुभाष स्टेशन की तरफ छह स्टेशनों पर एफओबी बनेंगे। जो स्टेशन रोड की एक तरफ हैं, वहां एफओबी से यात्रियों को रोड के दूसरी ओर पहुंचाया जाएगा। प्रति स्टेशन दो-दो एस्केलेटर भी बनाए गए हैं। एमपी नगर, रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन पर एफओबी पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पीछे से निकलेगा।
Published on:
19 Sept 2023 07:10 pm
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