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दूध में अभी भी जारी है ​मिलावट का खेल, कर सकता है आप को बीमार

कई टेंकरों की लोकेशन तक नहीं पता चल रही
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भोपाल

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Radheshyam Dangi

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Updated: 29 Jan 2020, 1:05 PM IST

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भोपाल। क्राइम ब्रांच की टीम ने भोपाल दुग्ध संघ को सप्लाय करने वाले मिलावटी दूध का टेंकर पकड़ा था, लेकिन दुग्ध संघ में अब भी धांधली थम नहीं रही है। क्राइम ब्रांच ने 15 दिसंबर को यूरिया युक्त मिलावटी दूध का टेंकर पकड़ा था, इसके बाद जमकर हल्ला मचा था।

खेल अब भी जारी
दुग्ध संघ प्रबंधन ने न जीपीएस का काम देखने वालों पर अब तक न तो कोई कार्रवाई की और न ही जीपीएस के ठेकेदार पर। इसके चलते टेंकरों से जीपीएस निकालने और बिना जीपीएस के दूध परिवहन करने का खेल अब भी जारी है।

बैटरियों को निकाल रहे
जीपीएस डिस्कनेक्ट करने की अवधि में ही टेंकरों से दूध चोरी और मिलावट की आशंका सबसे प्रबल होती है, लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इसके चलते कई टेंकरों में लगातार जीपीएस से जुड़ी बैटरियों को निकाल रहे हैं।

नए टेंडर जारी करने के निर्देश
इधर, दुग्ध संघ ने न तो जीपीएस का काम देख रही हरियाणा की ब्लेक बॉक्स कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की और न ही टेंडर निरस्त किया। जबकि दुग्ध महासंघ प्रबंधन ने सभी दुग्ध संघों को ब्लेक बॉक्स कंपनी का टेंडर निरस्त कर नए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए थे।

मिलीभगत की आशंका
आशंका है कि टेंकर संचालकों, जीपीएस ठेकेदार और भोपाल दुग्ध संघ के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही जीपीएस हटाई जा रही है। ब्लेक बॉक्स और भोपाल दुग्ध महासंघ के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण धांधली जारी है।


रिपोर्ट तक नहीं सौंपी
सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि दो महीने बाद भी भोपाल दुग्ध संघ ने मप्र दुग्ध महासंघ को ब्लेक बॉक्स कंपनी की एक साल की रिपोर्ट तक नहीं सौंपी।


क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद दुग्ध महासंघ प्रबंधन ने ब्लेक बॉक्स कंपनी की जीपीएस संबंधी एक साल की रिपोर्ट तलब की थी, जिसमें यह देखा जाना था कि कब-कब किस-किस दूध वाहन से जीपीएस व बैटरी का कनेक्टशन काटा गया है। ब्लेक बॉक्स की धांधली का खुलासा होने के डर से दुग्ध संघ प्रबंधन ने रिपोर्ट ही नहीं दी।

कई टेंकरों की लोकेशन तक नहीं पता चल रही
एचआर 55 यू 3485 नंबर के टेंकर से 1 जनवरी से 17 जनवरी के बीच 19 बार जीपीएस की बैटरी डिस्कनेक्ट की गई। 19 में से 10 बार टेंकर की लोकेशन तक नहीं पता चल पाई। इस अवधि में करीब 7 घंटे बैटरी डिस्कनेक्ट की गई।

- टेंकर नंबर आरजे04 जीए 7723 से 17 जनवरी को जीपीएस हटा दिया। इससे टेंकर की स्पीड, रुकने का समय, कहां रोका गया आदि के बारे में कोई जानकारी दुग्ध संघ के जिम्मेदारों को नहीं मिल पाई। इसी दौरान मिलावट की आशंका होती है।
- एमपी 04 जीए 8767 नंबर के टेंकर की 1 से 16 जनवरी के बीच 18 बार बैटरी डिस्कनेक्ट की गई।

-एमपी 04जीबी 7467 नंबर के टेंकर की 6 और 16 जनवरी को 3 बार जीपीएस से बैटरी डिस्कनेक्ट की गई।


जीपीएस कंपनी की एक साल की रिपोर्ट मांगी थी, रिपोर्ट अप्राप्त है। हम इंतजार कर रहे हैं। ब्लेक बॉक्स कंपनी का टेंडर निरस्त करने के बारे में भी सभी संघों को लिखा था, इसकी अभी तक सूचना नहीं मिली है। अद्यतन स्थिति का पता लगाया जाएगा।
शमीम उद्दीन, प्रबंध संचालक, मप्र दुग्ध महासंघ