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अरुणिमा सिन्हा ने महाकाल दर्शन को बताया एवरेस्ट फतह से भी ज्यादा कठिन

प्रदेश सरकार की मंत्री अर्चना चिटनिस अरुणिमा को मनाने जाएंगी और फिर से मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण देंगी।

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arunima sinha

भोपाल। दुनियाभर में सबसे पहले एवरेस्ट फतह करने वाली दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा के साथ महाकाल मंदिर में हुए दुर्व्यवहार की घटना के बाद माफी मांगने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सोमवार को पहले मंदिर प्रशासन की ओर से अरुणिमा से माफी मांगी गई, इसके बाद अब खबर है कि प्रदेश सरकार की मंत्री अर्चना चिटनिस अरुणिमा को मनाने जाएंगी और फिर से मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण देंगी।

मामले पर सख्त हुईं अर्चना चिटनिस, आयुक्त से मांगी जांच रिपोर्ट
मंत्री अर्चना चिटनिस इस मामले पर काफी सख्त नजर आ रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि अरुणिमा बुरहानपुर में मंत्री अर्चना चिटनिस के पिता की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ही मध्यप्रदेश आईं थीं। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अरुणिमा ने महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए बुकिंग कराई थी। बुकिंग अर्चना चिटनिस के मेहमान के तौर पर ही दर्ज हुई थी। यही वजह है कि मामले को अब अर्चना चिटनिस ने संभालने की कोशिश शुरू कर दी है।

पढ़िए पूरी खबर - किस तरह दुर्व्यवहार का शिकार हुईं अरुणिमा सिन्हा, जानिए पूरा मामला

अर्चना चिटनिस ने उज्जैन के संभागीय आयुक्त से दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने मंदिर में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, जिससे किसी भी महिला के साथ इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। खबर है कि अर्चना चिटसिन स्वयं भी दिव्यांग व्यक्तियों से अच्छे व्यवहार को लेकर मंदिर स्टाफ से बात करेंगी। उन्होंने कहा है कि वे लखनऊ जाकर अरुणिमा सिन्हा से मिलेंगी और उन्हें फिर से मध्य प्रदेश आने का न्योता देंगी।

मंदिर प्रशासन ने कहा - हमने माफी मांगी, नियम भी बताया
इस बीच पत्रकारों से बात करने से बच रहे महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक अवधेश शर्मा का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि नंदी हॉल में महिला-पुरुषों को प्रवेश के लिए शोला यानि धोती और साड़ी पहनने का नियम है। चूंकि अरुणिमा ने साड़ी नहीं पहनी थी, इसलिए उन्हें रोक गया। मैंने उनसे माफी मांगी है, साथ ही नियम के बारे में भी बताया है। मैंने वेबसाइट पर साड़ी शोला पहनने के नियम उल्लेख करने को कहा है। वहीं उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि हमें अरुणिमा के आने की सूचना नहीं थी, जिस वजह से उन्हें पहचानने में समस्या हुई होगी।

अरुणिमा ने पत्रिका से बांटा अपना दर्द, कहा - मेरा मजाक उड़ाने वालों को महाकाल देंगे सजा
इस पूरे घटनाक्रम पर हमने अरुणिमा सिन्हा से भी बात की। पत्रिका से बात करते हुए अरुणिमा का दर्द छलक आया। लखनऊ से फोन पर हुई बातचीत में अरुणिमा ने कहा कि मुझे मंदिर प्रशासन के रवैये से दुख पहुंचा है। मैंने खुद को दिव्यांग बताते हुए दर्शन करने की बात कही, लेकिन वहां के स्टाफ ने कहा कि ऐसे बहुत आते हैं।

अरुणिमा ने कहा कि अगर मंदिर में सिर्फ साड़ी पहनने वालों को ही भस्म आरती में प्रवेश दिया जाता है तो इसकी जानकारी न तो मंदिर की वेबसाइट पर है और ना ही मंदिर के बाहर बोर्ड पर। भगवान ने दिव्यांग होते हुए भी मुझे वहां (एवरेस्ट) भेजा, जहां पहुंचने की आम आदमी सोच भी नहीं सकता, लेकिन मंदिर में वहां के स्टाफ ने मुझे दर्शन से ही रोक दिया। मैंने तो भगवान से शिकायत कर दी है, भगवान ही उन्हें सजा देगा।