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शिक्षकों के तबादले को लेकर विभाग ने जारी किया ऑर्डर, अब प्रभारी मंत्री के पास होगी ट्रांसफर की जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Nov 16, 2019

भोपाल. मध्यप्रदेश की कमल नाथ सरकार ने शिक्षकों के तबादले को लेकर नए आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद अब शिक्षकों के तबादले का अधिकार जिले के प्रभारी मंत्री के पास होंगे। अब जिले के प्रभारी मंत्री मध्यप्रदेश में शिक्षकों का तबादला करेंगे। शिक्षकों के तबादले को लेकर मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को लेटर लिखा है। ये लेटर स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव अनुभा श्रीवास्तव के द्वारा शुक्रवार को दारी किया गया है।

क्या लिखा है लेटर में
स्कूल शिक्षा विभाग समसंख्यक पत्र दिनांक 22.06. 2019 के तारतम्य में विभागीय स्थानांतरण नीति 2019-20 की कंडिका-2 के शैक्षणित अमले के प्रशासनिक स्थानांतरण की उप कंडिका-2.3 में उल्लेखित संवर्ग के शिक्षकों के प्रशासकीय स्थानांतरण करने हेतु 15.11.2019 से 23.11.2019 तक की अवधि के लिए वर्तमान में लागू प्रतिबंभ को शिथिल किया जाता है। उक्त अवधि में जिला संवर्ग के शिक्षकों के जिला अंतर्गत स्थानांतरण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पोर्टल जनरेटेड सूची पर जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत किए जा सकेंगे।

स्थानांतरण मुख्य रूप से अतिशेष शिक्षकों का अन्य शिक्षक विहीन तथा शिक्षकों की कमी वाली शालाओं में पदांकन, रिक्त पदों की पूर्ति, न्यायालयीन निर्णय के अनुपालन, गंभीर शिकातों, पदोन्नति तथा प्रतिनियुक्ति से वापसी के प्रकरणों तथा प्रशासनिक दृष्टि से आवाश्यक होने पर किए जाएंगे। रिक्त स्थानों की श्रृंखला बनाना प्रतिबंधित रहेगा। उपर्युक्तानुसार जिला संवर्ग के शिक्षकों के प्रशासकीय स्थानांतरण के अतिरिक्त अन्य समस्त प्रकार के स्थानांतरणों पर स्थानांतरण की नीति अनुसार प्रतिबंध यथावत रहेगा।


खेल मंत्री ने भी किया केन्द्र से आग्रह
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि राज्यों को उनकी अपनी आवश्यकतानुसार नीति बनाये जाने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खेल अधोसंरचना के लिए राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता के मापदंड भी सब के लिये एक जैसे नहीं होने चाहिए। पटवारी ने नई दिल्ली में राज्यों के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रियों के सम्मेलन में यह विचार व्यक्त किये थे। केन्द्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री किरण रिजिजू ने सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।