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बहू की आत्महत्या पर बोले इंदर सिंह परमार – मैं क्या बताऊं, क्यों किया सुसाइड? जानिए मंत्रीजी ने जांच पर क्या कहा

अंतिम संस्कार के दौरान सविता के चचेरे भाई एकदम चिल्ला उठे कि हत्या की धारा लगनी चाहिए, मंत्री हैं तो क्या हुआ

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स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री परमार का बयान सामने आया

भोपाल. प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार की बहू सविता परमार ने आत्महत्या कर ली. उनका बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब इस केस में स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री परमार का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि सविता को हमसे और हमें उससे कोई तकलीफ ही नहीं थी। मैं खुद हैरान हूं कि उसने यह कदम क्यों उठाया। हालांकि अपने बेटे और बहू के बीच कथित विवाद की बात पर उन्होंने चुप्पी साध ली पर यह भी कहा कि हम खुद इस मामले की जांच चाहते हैं।

सविता परमार ने गांव पोचानेर में घर में ही मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के दौरान चारों ओर मंत्री के परिवार के लोग और उनके समर्थक जमा थे। अस्पताल से लेकर श्मशान तक में किसी को भी जेब से मोबाइल तक नहीं निकालने दिया गया। पूरे गांव में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान सविता के चचेरे भाई एकदम चिल्ला उठे कि हत्या की धारा लगनी चाहिए, मंत्री हैं तो क्या हुआ। इस पर उसे कुछ लोगों ने पकड़ा और गाड़ी में बैठाकर गांव भेज दिया। खास बात यह है कि सविता को पति देवराज ने मुखाग्नि नहीं दी न वे अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

मंंत्री की बहू द्वारा सुसाइड करने, पति का अंतिम संस्कार में नहीं आना और भाई के यूं चिल्लाने पर कई सवाल उठने लगे। ऐसे में इस मामले के दो दिन बाद आखिरकार मंत्री इंदर सिंह परमार का मीडिया में पक्ष सामने आया। उन्होंने कहा कि सविता को हमारे परिवार से एक प्रतिशत भी तकलीफ नहीं थी। उसने न ही कभी मायकेवालों से कोई शिकायत की थी और न ही हमसे। मेरा बेटा देवराज सिक्योरिटी एजेंसी और खेती का काम करता है, उसकी तरफ से भी हमें कोई बात या शिकायत कभी नहीं मिली।

परमार ने बताया कि हमने सविता के नाम पर ही जमीन ली है। एक करोड़ रुपए का कर्ज भी लिया। एक वेयरहाउस उसी के नाम पर है। हमारे मन में यदि कुछ गलत होता तो ऐसा क्यों करते? उन्होंने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि पूरे मामले की अच्छे से जांच हो जाए।