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#Mob lynching: बच्चे की मदद करने पर मिली सजा, भीड़ ने बच्चा चोर समझकर की पीटा

बच्चे को सड़क पार कराने पर मिली सजा...
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भोपाल। भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) मामले में पिछले दिनों लोकसभा में अजीबो गरीब नौबत तक आ गई थी। दरअसल पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा सांसद किरीट सोमैया और तृणमूल सांसद इदरीस अली एक दूसरे की ओर दौड़ पड़े। बीच-बचाव के लिए सांसदों को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं संसद में भी मॉब लिंचिग को लेकर चिंता जताई गई थी। इसी बीच अब मध्यप्रदेश में भी मॉब लिंचिग का एक मामला सामने आया है।

सामने आ रही जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल में भीड़ द्वारा बच्चा चोर होने के शक में तीन लोगों की बुरी तरह पिटाई कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, पीडित तीनों लोगों ने एक बच्चे की सड़क पार करने में मदद करने की कोशिश की थी, इसी बीच स्थानीय लोगों ने इन्हें बच्चे चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य समझकर पिटाई कर दी।

मॉब लिंचिग की यह घटना बुधवार की बताई जाती है और इसका शिकार हुए तीनों शख्स विदिशा जिले के रहने वाले हैं। इस बारे में भोपाल के हनुमानगंज थाने
से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित राम स्वरूप (33), धन सिंह (60) और दशरथ अहिरवार (35) विदिशा के गुलाबगंज इलाके के निवासी हैं और यह सभी भोपाल में अपने वाहन की मरम्मत कराने आए थे।

हाथ पकड़कर पार कराई थी सड़क...
वाहन की मरम्मत कराने के लिए इसे एक दुकान पर देने के बाद तीनों भोपाल के बाजार में घूम रहे थे। इसी दौरान इन्होंने देखा कि एक 10 साल के बच्चे को भीड़ भरे रास्ते पर सड़क पार करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन भीड़ काफी होने के कारण यह बच्चा सड़क पार करने से डर रहा था, बच्चे को किसी प्रकार की परेशानी न हो यह सोचकर इन लोगों ने उसका हाथ पकड़कर उसे सड़क पार करा दी।

राहगीर ने मचाया शोर
इन तीनों ने भले ही बच्चे की परेशानी देखते हुए उसे सड़क पार कराने मे मदद की थी, लेकिन इसी दौरान यहां से गुजर रहे एक राहगीर को लगा कि वे सभी बच्चे का अपहरण करने आए किसी गिरोह के सदस्य हैं। इसके बाद अपने इसी शक की बिनाह पर इस राहगीर ने शोर मचाते हुए यहां पर लोगों से इन्हें पकड़ने को कहा। राहगीर के शोर के चलते राम स्वरूप और उनके दोनों साथी अभी कुछ समझ ही पाते, कि भीड़ में शामिल लोगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।

पुलिस ने छुड़ाए पीड़ित...
लोगों द्वारा तीनों को पिटता देख कुछ राहगीरों ने कंट्रोल रूप को इसकी सूचना दी, तब कहीं जाकर मौके पर पहुंची पुलिस व उसके अधिकारियों ने किसी तरह तीनों को भीड़ से छुड़ाया।

यहां इन्हें घायल देखकर पुलिस ने पहले इन्हें स्थानीय अस्पताल में ले जाकर इनका मेडिकल कराया और फिर सभी को हनुमानगंज थाने पर ले आई। यहां पूछताछ के दौरान तीनों ने पुलिस को सारी बातों की जानकारी दी, जिसपर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भीड़ में शामिल अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

देश में कई स्थानों पर हुई मॉब लिंचिंग की घटना
ज्ञात हो कि देश में इससे पहले भी बच्चा चोरी के शक में कई स्थानों पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी मॉब लिंचिंग की कुछ घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मध्यप्रदेश के सिंगरौली में ही 23 जुलाई 2018 को भीड़ ने सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह के बाद बच्चा चोरी के शक के कारण एक महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वहीं इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार भी किया था।