
ये मोबाइल टावर नहीं रसूख के टावर हैं
भोपाल. शहर में रहवासियों की भावनाओं-चिंताओं पर मोबाइल टावर का रसूख भारी है। इसकी शिकायत सुनने को न निगम प्रशासन तैयार है, न ही जिला और पुलिस प्रशासन। घर के करीब स्थापित मोबाइल टावर रेडिएशन से जान के खतरे की चिंता में रहवासियों को समझ नहीं आ रहा कि अब क्या करें? भोपाल में कल्पना नगर, अयोध्या बायपास, अशोका गार्डन, ऐशबाग, कोलार, नेहरू नगर, कटारा समेत 20 से अधिक क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापना का विरोध चल रहा है।
पिपलानी के नीरज गुप्ता के घर के सामने ही मोबाइल टावर लगाया जा रहा है। नीरज कहते हैं, इसकी स्थापना रुकवाने निगम से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत की। कई बार कलेक्टर और विधायक कृष्णा गौर से भी मिले। इसके बाद कोर्ट में मामला दर्ज करवाया। यहां से सात दिन का स्टे देकर स्थानीय प्रशासन को निराकरण के निर्देश दे दिए। लेकि, स्थानीय प्रशासन यानी जिला प्रशासन और प्रशासन तो टावर लगवाने पर अड़ा हुआ है। इसलिए वे इस लड़ाई से थक गए हैं। नीरज कहते हैं कि अब क्या कर सकते हैं?
विशेषज्ञ बोले
कलेक्टर के आदेश के खिलाफ जाना होगा कोर्ट
एडवोकेट यावर खान का कहना है कि स्थानीय सिविल कोर्ट मोबाइल टावर मामले में स्टे नहीं दे रही है। इसमें हाईकोर्ट ही जाना होगा। यदि यहां से स्थानीय प्रशासन टावर स्थापित होने को लेकर अपना निर्णय देता है तो इस निर्णय के साथ फिर से हाईकोर्ट में कंटेंप्ट लगाना चाहिए। सभी स्थितियोंं- परिस्थितियों को सामने रखकर मजबूती से बात रखेंगे तो जरूर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे। उसका स्थानीय प्रशासन को पालन करना होगा।
प्रशासन की शह
लोगों का कहना है कि कल्पना नगर में टावर को लगवाने खुद प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुुंचे। विरोध पर रेत व्यापारियों को धमकाया, सभी सरकारी जमीन पर ही बैठे हो, चालान बनाकर काम बंद कर दिया जाएगा। धमकाया गया कि पुलिस की गाड़ी आ रही है जो विरोध करेगा उसे गाड़ी में बैठा देंगे।
विरोध दरकिनार
मोबाइल टावर स्थापना की अनुमतियां रहवासियों की मंजूरी के बिना स्थानीय प्रशासन जारी कर रहा है। सर्वधर्म में तो कॉलोनी के गेट पर ही अनुमति दे दी। कलेक्टर ने वहां से हटाकर टावर लगाने के लिखित निर्देश दिए। इसके बावजूद टावर गेट पर ही लगाया जा रहा है।
Published on:
11 Feb 2022 01:13 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
