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ट्रेन के गेट के पास हैंडबैग और कीमती सामान लेकर न खड़े हों, ‘मंकी गिरोह’ झपट लेगा सामान

जब तक यात्री संभलता है, यह पटरियों से दूर निकल भागते हैं....

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Monkey gang

भोपाल। यदि आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि राजधानी के आसपास आपका सामान मंकी गिरोह झपट कर ले जा सकता है। राजधानी के आसपास खासतौर पर भोपाल स्टेशन के आउटर पर ज्यादा सक्रिय है। इस गिरोह के सदस्य चलती ट्रेन में चढ़कर बोगियों की सीढ़ियों पर बैठे या दरवाजे के पास खड़े यात्रियों के हाथ से मोबाइल हैंडबैग छीनकर नीचे कूद जाते है। जब तक यात्री संभलता है, यह पटरियों से दूर निकल भागते हैं।

केस-1

इटारसी निवासी रोहित रघुवंशी बीना से इटारसी आ रहे थे। भोपाल के पास ये बोगी की सीढ़ियों के पास बैठकर मोबाइल देख रहे थे। पटरियों के किनारे खड़े दो युवकों में हाथ में डंडा मारकरमोबाइल गिरा दिया। जैसे ही मोबाइल गिरा उठाकर भाग निकले।

केस-2

भोपाल निवासी रिंकी कुशवाह पातालकोट एक्सप्रेस से उतरने के लिए गेट के पास आकर खड़ी हो गईं। आउटर पर ट्रेन धीमी होने पर चार नकाबपोश चढे और हैंडबैग छीनकर भाग निकले। पर्स में मोबाइल, नकदी और कीमती आभूषण थे। पुलिस ने तीन नाबालिग सहित चार को गिरफ्तार किया।

आसपास की बस्ती में हैं रहते

वारदातों की शिकायत सबसे ज्यादा मुख्य स्टेशन से विदिशा की ओर जाने वाले रूट पर सामने आ रही है। भोपाल स्टेशन से निशातपुरा स्टेशन और इसके भी कई किलोमीटर आगे तक पटरियों के दोनों तरफ मकान बने हुए हैं। इन इलाकों में कई झुग्गी बस्तियां भी हैं। इन बस्तियों में रहने वाले कई युवा दिन भर पटरियों के आसपास बैठे रहते हैं। ऐसे में कौन से लोग मंकी गिरोह के हैं, पुलिस के लिए पता करना आसान नहीं है। रेलवे पुलिस के लिए इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इन्हीं इलाकों से अधिकांश आरोपित पकड़े भी गए हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि यहां पूरा गिरोह संचालित हो रहा है जो वारदात और माल ठिकाने लगाने में लगा है।

ऐसे बचे मंकी स्नैचर गिरोह से

- यात्रा के दौरान मोबाइल या हैंडबैग खिड़की या गेट के पास नहीं रखें।

- ट्रेन धीमी चल रही हो या स्टेशन के आउटर के पास हो, उस समय सीढ़ियों के पास कीमती सामान या लगेज लेकर न खड़े रहें।

- किसी अपराध या सूचना के लिए वाट्सऐप नम्बर 7049150010 पर कॉल करें।

चला रखा है विशेष अभियान

काफी समय से ऐसे अपराध सामने आ रहे हैं जिसमें जो यात्री गेट पर खड़े हो जाते हैं या बैठ जाते हैं, उनके मोबाइल को अपराधी हाथ या टॉवेल के माध्यम से गिरा लेते हैं और भाग जाते हैं। ट्रेन के धीमे होने पर बोगी में चढ़कर गेट के पास से मोबाइल या बैग उठाकर भाग जाते हैं। जवानों की आउटर पर ड्यूटी लगाई गई है।

हितेश चौधरी, एसपी, रेलवे पुलिस