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1 आम की कीमत है 1500 रुपए, ढाई लाख रुपए किलो बिकता है ये आम

-देशभर आम की 1500 से अधिक प्रजातियां-शहर में दक्षिण भारत के आमों की डिमांड-रोजाना आ रहा है 25 गाड़ी आम, अभी 250 क्विंटल से ज्यादा की खपत

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भोपाल। राजधानी के बाजार में आम की विभिन्न वैराटियां आ चुकी हैं। आमों की कीमत और किस्में अलग-अलग हैं। इनके स्वाद भी निराले हैं। यूं तो देशभर में आम की करीब 1500 प्रजातियां पायी जाती हैं। लेकिन,अभी दक्षिण भारत के सुंदरी और तोतापरी की बहार है। जिसे अमूमन काटकर खाते हैं। लाटसाहब आम भी आ गया है। जिसे चूस कर खाने का मजा ही अलग है। मियाजॉकी और नूरजहां की कीमत ज्यादा है, इसलिए इसे देखकर ही संतोष करना पड़ता है। हालांकि राजधानी की बाजारों में मल्लिका, आम्रपाली और सफेदा भी खूब बिकते हैं। लेकिन, पेड़ में पकने वाले आम नहीं आ रहे हैं। इनके तैयार होने में डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा।

ढाई लाख कीमत

मार्केट में अभी जबलपुर का खास आम मियाजाकी यानी टाइयो नो टमैंगो नहीं आया है। लेकिन इसकी पूछ शुरू हो गयी है। इसकी मिठास कुछ अलग होती है। इसमें रेशे बिल्कुल नहीं होते। एक आम 900 ग्राम से एक किलो तक होता है। पिछले साल यह दो से ढाई लाख प्रति किलो तक बिका था।

1500 रुपए प्रति पीस

अलीराजपुर में नूरजहां आम की विशेष किस्म पायी जाती है। यह आम भी बहुत बड़े-बड़े होते हैं। पूरी तरह विकसित एक आम तीन किग्रा तक का भी हो जाता है। इस साल्र मार्केट में इस आम की वैरायिटी नहीं दिखी है। दुकानदार बताते हैं कि 1500 रुपए प्रति पीस तक इस आम की कीमत होती है।

भोपाल में दशहरी, लंगड़ा, बांबे ग्रीन और दहिया

राजधानी में अभी साउथ से आम आ रहा है। यूपी, महाराष्ट्र का आम अगले सप्ताह तक आएगा। विजयवाड़ा से आम की थोक और बाजार रेट में 30 से 40 रुपए किलो का अंतर है। केसर, बादाम, तोतापरी की डिमांड ज्यादा है। गाड़ी उतरने के एक घंटे के ये बिक जा रहे हैं। वहीं तापमान बढऩे से आम की खपत और बढ़ी है। भोपाल में करीब 400 हैक्टेयर का आम का रकबा है। आम्रपाली, मल्लिका, दशहरी, लंगड़ा, बांबे ग्रीन बैरायटी आम यहां होते हैं।

1500 प्रजातियां

यूं तो देशभर में आम की 1500 से ज्यादा किस्में हैं। हर आम कर स्वाद अलग होता है। लेकिन भोपाल की बाजारों में दशहरी,चौसा, तोतापुर, हाफूस, हिमसागर, लंगड़ा, रसपुरी, बायगनपल्ली, अल्फांसो और सिंधुरा ज्यादा बिकता है। इन दिनों दक्षिण भारत का सुंदरी और तोतापरी ज्यादा आ रहा है। जबलपुर की नर्मदा वैली के चरगवां, न्यू भेड़ाघाट, शहपुरा, बरगी, पाटन, कुंडम समेत कई अन्य जगहों में 20 से ज्यादा किस्म के आम होते हैं। भोपाल वासियों की पसंद में विदेशी टमैंगो, ब्लेक मैंगो, जम्बो रेड और यूएस सेंसेशन की ज्यादा डिमांड है।

संतोष गुप्ता, आम के थोक कारोबारी, करोद मंडी का कहना है कि भोपाल में इस समय साउथ से करीब 25 गाड़िया आ रही है। एक गाड़ी में दस टन आम होता है। अभी रोजाना ढाई सौ टन की खपत भोपाल में है। यूपी और अन्य राज्यों का आम आने के बाद रेट में अंतर आएगा।

बीएस कुशवाहा, उप संचालक, उद्यानिकी विभाग का कहना है कि दशहरी, लंगड़ा, बांबे ग्रीन, दहिया वैरायटी का आम भोपाल में होता है। इसको लेकर समय-समय पर किसानों को एडवाइजरी जारी की जाती है, ताकि अच्छी फसल हो सके।