14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्यप्रदेश में अब ग्रामीण कराएंगे देसी-विदेशी पर्यटकों को ट्रैकिंग, एडवांस कोर्स कर बन सकेंगे माउंटेनियर

अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबंध खेल संस्थान से ट्रेनिंग दिलाएगा ईको पर्यटन विकास बोर्ड

2 min read
Google source verification
eco.jpg

भोपाल। गांवों में पर्यटन के लिए जाने वाले देसी-विदेशी पर्यटक यहां सुरक्षित ट्रैकिंग भी कर सकेंगे। ईको पर्यटन विकास बोर्ड ग्रामीणों को ट्रैकिंग के गुर सिखाकर एक्सपर्ट बनाएगा। इसके लिए प्रदेश के चयनित 25 युवाओं को मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबंध खेल संस्थान से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। पहले चरण में 60 युवाओं में से इनका चयन किया जाएगा। बाद में ये युवा एडवांस कोर्स कर अधिकृत पर्वातारोही बन सकेंगे।बोर्ड की सीईओ डॉ. समिता राजौरा ने बताया कि मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटक तेजी से बढ़ रहा है।

अब गांव में माउंटेनिंग कर सकेंगे पर्यटक

देश ही नहीं विदेशी पर्यटक भी हमारे गांवों की संस्कृति और परिवेश को लुत्फ लेने के लिए आ रहे हैं। प्रदेश में बोर्ड ने 148 मनोरंजन क्षेत्र चयनित कर रखे हैं। इनके आसपास छोटे-बड़े पहाड़ भी हैं। पर्यटक जंगल और पहाड़ों में ट्रैकिंग का मजा ले सकेंगे। पहले 25 युवाओं को 26 दिन का बेसिक कोर्स कराया जाएगा। चंबल में जल गतिविधियों का आनंद लेने आने वाले पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। ट्रेनर यहां आकर चंबल नदी में 6 दिन तक ट्रेनिंग देंगे। मनाली के अटल बिहारी वाजपेई इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनिंग से ट्रेनिंग दिलाएगा वन विभाग। ग्राम समितियां करेंगी संचालन, पहले फेज में 25 युवाओं को दिलाई जाएगी ट्रेनिंग, प्रदेश के 148 मनोरंजन क्षेत्रों में जा सकेंगे पर्यटक।

मप्र के दो उद्यान के जीवाश्मों पर शोध करेगा बीरबल इंस्टीट्यूट
ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड अब प्रदेश के दो जीवाश्म उद्यान में मिलने वाले जीवाश्मों के शोध में बीरबल साहनी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंस, लखनऊ की मदद लेगा। इसे लेकर बुधवार को दोनों में एमओयू हस्ताक्षक किए गए। बोर्ड की सीईओ डॉ. समिता राजौरा ने बताया कि डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, धार में जहां डायनासोर, स्टारफिश और पेड़ों के जीवाश्म मिलते हैं। वहीं, घुघवा राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान-डिंडोरी में पेड़, पौधों, पत्ती, फल और बीजों के जीवाश्म मिलते हैं। बोर्ड की मंशा डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर घोषित कराने की है। इसके लिए डॉक्यूमेंटेशन का काम भी किया जा रहा है। संस्था के वैज्ञानिक दोनों स्थलों पर मिलने वाले जीवाश्मों का शोध करेंगे। इससे यूनेस्को में हमारा दावा ओर पुख्ता होगा।