
Mowglis cafe
भोपाल। आपको कभी ख्याल आया है कि जंगल में बैठकर व्हाइट पास्ता, शेक और शाओलिन स्टिक खाने का... नहीं ना, लेकिन अब इस खबर को पढ़ने के बाद ख्याल भी आयेगा और मन भी करेगा जंगल में बैठ के ये सब चीजें खाने का। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मे मौजूद मोगली कैफे में कुछ ऐसा ही नजारा है। इस कैफे की सबसे खास बात है कि यहां का इंटीरियर। इस कैफे की तारीफ के हकदार है भोपाल के ही रहने वाले दो दोस्त दीपांशु गुप्ता और अंकुर श्रीवास्तव। इन दोनों की मेहनत औऱ लगन ने स्टार्टअप्स की दुनिया में एक सफल कदम उठाया है।
यहां पर है ये रेस्टोरेंट
कोचिंग सेंटर का हब कहे जाने वाले एम.पी. नगर के जोन- 2 में खुला है ये मोगली कैफे। कोचिंग सेंटर के पास खुले होने से यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ युवाओ की होती है। अंकुर बताते है कि पहले वो इसे चुनाभट्टी में खोलना चाहते थे, लेकिन फिर एम.पी. नगर में फाइनली जगह डिसाइड की।
क्या है खास
वैसे तो रेस्टोरेंट अपने खाने के स्वाद औऱ सर्विस के लिए जाने जाते है, लेकिन मोगली स्वाद औऱ सर्विस के साथ-साथ अपने अनोखे तरीके के इंटीरियर डिजाइन के लिए फेमस है। यहां का इंटीरियर इसके नाम मोगली से प्रेरित है। रेस्टोरेंट को चारों तरफ से आर्टिफिशियल फूल- पत्तियों से सजाया गया है औऱ वाल्स पर मोगली औऱ जंगल के अन्य जानवरो की पेंटिग की गई है। यहां आकर आपको खाना खाने का एक बिलकुल ही अलग अनुभव मिलेगा। ऐसा लगेगा जैसे सचमुच में मोगली के साथ खूबसूरत से जंगल में अपने दोस्तों के बीच बैठकर चायनीज औऱ नार्थ इंडियन खाना खा रहे हों। यहां पर आप जंगल थीम पर आधारित किटी पार्टी औऱ बर्थ-डे पार्टी भी सेलिब्रेट कर सकती है। इसकी खूबसूरती का नजारा देख कर के आप भी वहां जरूर जाना चाहेंगे।
दो दोस्तों की सफल शुरूआत
शहर के ही रहने वाले अंकुर और दीपांशु एक अच्छे दोस्त के साथ ही साथ अच्छे बिजनेस पार्टनर्स भी हैं। दीपांशु बताते है कि वो पहले कॉनवेर्गयस, दिल्ली में नौकरी करते थे। उसके बाद उन्होंने दिल्ली औऱ बाद में पुणे में भी कैफे का स्टार्टअप किया था लेकिन इस दौरान उन्हें लगा क्यों न अपने ही शहर मे दिल्ली औऱ पुणे के कल्चर को एक अलग अंदाज मे दिखाया जाये। उन्होंने कैफे का थीम द जंगल बुक के गाने को सुनने के बाद तय किया था। इस दौरान उनके कैफे में पेंटर ने कहा कि वो वॉल पर मोगली बनायेंगे तभी इन्हें लगा कि क्यों न कैफे का नाम मोगली ही रखा जाए। वही दीपांशु के दोस्त अंकुर जो कि उनके बिजनेस पार्टनर भी है पेशे से एक बिजनेसमैन है, उनका प्रॉपर्टी का काम है। अंकुर बताते है कि वो कुछ नया करना चाहते थे औऱ इसमे उनकी मदद करी दीपांशु के इस आइडिया नें औऱ दोनो की मेहनत से शुरू हुआ शहर में जंगल थीम पर आधारित मोगली कैफे। इस प्रोजेक्ट के लिए 12-15 लाख रुपए का खर्च आया।
26 जनवरी को नेशनल थीम
वहीं इस बार दोनों दोस्तो ने 26 जनवरी को एक स्पेशल थीम प्लान की है। ये अपने कैफे को गणतंत्र दिवस मे नेशनल थीम पर डेकोरेट करेंगे, जिसमे ये फ्लैग, बैलून औऱ पोस्टर्स लगाऐंगे औऱ खाने मे भी कुछ स्पेशल रखेंगे।
मोगली बना युवाओं की पहली पसंद
कोल्ड कॉफी की शौकीन शहर की रहने वाली पलक का कहना है कि यहां की कोल्ड कॉफी सबसे बेस्ट है। अगर आपने यहां कि कोल्ड कॉफी नही पी तो समझो सब कुछ मिस कर दिया। वही सेन्ट्रल वेयर हाउसिंग मे कार्यरत ज्योति श्री का कहना है कि यहा का इंटीरियर इतना अच्छा है कि वो हर बार पार्टी करने के लिए यही आती है और हमेशा हक्का नूडल्स ही आर्डर करती है।
Published on:
24 Jan 2018 06:36 pm
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