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MP में परीक्षा का खौफ : परीक्षार्थी ने किया तीन साल के मासूम भतीजे का अपहरण

- सोते से उठाकर ले गया और रस्सियों से बांध कर डाल आया खेतों में - पुलिस ने कड़ी मेहनत से चार घंटे में ही बालक को मुक्त कराया

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परीक्षा का खौफ : युवक ने किया तीन साल के मासूम भतीजे का अपहरण

परीक्षा का खौफ : युवक ने किया तीन साल के मासूम भतीजे का अपहरण

भोपाल/मुरैना। मध्यप्रदेश में परीक्षा का खौफ एक बार फिर सामने आ गया है। यहां नकल रोकने की प्रशासनिक तैयारियों के चलते मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक अजब ही मामला सामने आया है। जिसके बारे में जिसने भी सुना या जाना व अवाक ही रह गया।

दरअसल मुरैना में एक युवक ने परीक्षा से बचने के लिए एक युवक ने अपने ही तीन साल के मासूम भतीजे का ही अपहरण कर लिया।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के टुड़ीला गांव में शादी समारोह से मासूम आशिक उर्फ आशू (03) पुत्र नेमीचंद कुशवाह निवासी पिपरौआ को चाचा रणवीर कुशवाह रात 11 बजे सोते समय उठाकर ले गया।







इसके बाद वह उसे रात 12 बजे रस्सियों से बांधकर पास के एक खेत में डाल आया। रात तीन बजे परिजन ने देखा तो बच्चा नहीं मिला, तभी 100 डायल को फोन किया। घटना की सूचना एसडीओपी जौरा सुजीत भदौरिया को मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को घटना से अवगत कराया और पुलिस पार्टियां सक्रिय कर दीं।

इसके बाद पुलिस ने चार घंटे में ही सुबह सात बजे बच्चे को मुक्त करा लिया। बच्चा रस्सियों से बंधा हुआ था। चूंकि रात को ठंड अधिक थी इसलिए उसको तुरंत जौरा अस्पताल ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार नेमीचंद कुशवाह निवासी पिपरौआ के परिवार के कुछ लोग टुड़ीला गांव में भी रहते हैं। वहीं पर मुनेश कुशवाह के यहां शादी थी। रात को नेमीचंद ने अपने तीन वर्षीय बच्चे को परिवार के दूसरे मकान में सुला दिया था।

तभी मौका पाकर रणवीर कुशवाह रात को उसे उठाकर ले गया। रणवीर ने अपने भतीजे का अपहरण इसलिए किया कि सुबह उसे पेपर देने न जाना पड़े।

ऐसे हुआ खुलासा...
पुलिस ने तलाशी के दौरान रणवीर का बैग चेक किया तो उसमें एक पत्र मिला उसमें लिखा था कि बच्चा हमारे पास है। इसको ढूंढ़ने की जरूरत नहीं, यह आपको ग्वालियर स्टेशन, मुरैना स्टेशन सहित अन्य तीन चार स्थानों का नाम दिया, वहां मिल सकता है। लेकिन पुलिस को साथ लेकर आए तो बच्चे को जान से मार दूंगा।

उसी पत्र में रणवीर को परीक्षा नहीं देने की बात का जिक्र था। उसके बैग में रस्सी सहित अन्य कुछ सामान मिला जो अपहरण से जुड़ा हो सकता था। वहीं थाने में जब आवेदन लिखवाया गया तब भी रणवीर कुशवाह ने ही आवेदन लिखा।

जब उसकी राइटिंग देखी तो उस पत्र से कुछ कुछ मिल रही थी। इसलिए पुलिस का शक और बढ़ गया। इसके रणवीर कुशवाह को जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी पुलिस को बतायी कि मेरा सुबह पेपर था मुझे पेपर न देना पड़े इसलिए मैंने इस बच्चे का अपहरण किया था।