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एमपी में वाकई ‘सुशासन’, प्रशासनिक सुधार में देश में दूसरे नंबर पर मध्यप्रदेश

सुशासन शपथ: प्रशासन गांव की ओर-2022 थीम पर राज्यों के प्रदर्शन को विभिन्न श्रेणियों में परखा गया। इसमें शिकायतों के निराकरण, नवाचार आदि शामिल हैं।

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राज्यों के प्रदर्शन को विभिन्न श्रेणियों में परखा

भोपाल. मध्यप्रदेश में वाकई 'सुशासन' है. केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के ताजा आकलन में यह तथ्य सामने आया है. इस आकलन में सुशासन में एमपी ने देश में लंबी छलांग लगाई है। इसके तहत प्रशासन गांव की ओर-2022 थीम पर देशभर के राज्यों के प्रदर्शन को विभिन्न श्रेणियों में परखा गया। इसमें शिकायतों के निराकरण, नवाचार आदि शामिल हैं।

केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के इस आकलन में प्रशासनिक सुधार में मप्र ने दूसरा स्थान पाया है। पहले नंबर पर तमिलनाडू व तीसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश है। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह लगातार सुशासन पर फोकस भी रहे हैं।

केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के ताजा आकलन में ‘सक्सेस स्टोरीज इन पब्लिक गवर्नेंस’ के तहत यह रैंकिंग की गई है। इसमें राज्यों के प्रशासनिक सुधार को देखा गया। केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने विभिन्न श्रेणियों में राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया है। इसके अंतर्गत प्रशासनिक सुधार में मध्यप्रदेश ने देशभर में दूसरा स्थान पाया है। पहले नंबर पर तमिलनाडू व तीसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश है।

विजन में तीसरा नंबर
प्रशासनिक सुधार की सक्सेस स्टोरी में मप्र दूसरे नंबर पर है तो विजन डॉक्यूमेंटेशन में राज्य को तीसरा स्थान मिला है। इसमें पहले नंबर पर उप्र व दूसरे नंबर पर तमिलनाडू है। इस श्रेणी में विजन 2047 के तहत 257 जिलों ने विजन डॉक्यूमेंटेशन किया है।

राज्यों के प्रदर्शन को विभिन्न श्रेणियों में परखा गया- प्रशासन गांव की ओर-2022 थीम पर राज्यों के प्रदर्शन को विभिन्न श्रेणियों में परखा गया। इसमें शिकायतों के निराकरण, नवाचार आदि शामिल हैं।