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MP Budget 2023 : बंद होंगे डीजल से चलने वाले 1 हजार सरकारी वाहन, 15 साल पुरानी गाड़ियां भी हो रही बैन

डीजल से चलने वाले 1 हजार सरकारी वाहन होंगे बंद, इनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सरकार का फैसला।

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MP Budget 2023 : बंद होंगे डीजल से चलने वाले 1 हजार सरकारी वाहन, 15 साल पुरानी गाड़ियां भी हो रही बैन

मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल का आखिरी बजट कांग्रेस के हंगामें के बीच पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 3 लाख 14 हजार 25 करोड़ का पेपरलेस बजट पेश किया, जिसमें राजस्व व्यय 2 लाख 25 हज़ार 297 करोड़ और पूंजी गत परिव्यय में 56 हजार 256 करोड़ प्रस्तावित है।


विधानसभा में पेश बजट के अनुसार, इब मध्य प्रदेश में डीजल से चलने वाले 1 हजार सरकारी वाहनों को बंद किया जाएगा। इन वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को इस्तेमाल में लिया जाएगा। यही नहीं, प्रदेश में 15 साल पुरानी गाड़ियों को भी अब प्रतिबंधित करते हुए रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं किये जाएंगे। आपको बता दें कि, सरकार की ओर से ये फैसला प्रदेश के बड़ शहरों में लगातार बढ़ रहे प्रदूशण स्तर को नियंत्रण में लाने के लिए किया है। बता दें कि, 1 अप्रैल 2023 से ये नीति प्रदेशभर में लागू कर दी जाएगी।

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बजट की बड़ी बातें

जानकारों की मानें चो पिछले साल की तुलना में इस बार बजट 12 फीसदी अधिक है। अनुसूचित जनजाति के लिए 36950.16 करोड़, अनुसूचित जाति के लिए 26086.81 करोड़, प्राथमिक शिलाओं की स्थापना के लिए 11406 करोड़, माध्यमिक शालाओं के लिए 6728 करोड़ और हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के लिए 4641 करोड़ का प्रस्ताव है।

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ऐसा रहा बजट

- 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 4176 करोड़ का प्रस्ताव पारित किया गया।
- समग्र शिक्षा अभियान के लिए 4039 करोड़ रुपए पारित किये गए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन यू एच एम/ एन आर एच एम) के लिए 3996 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- प्राथमिक शालाओं के लिए 3813 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- प्रवेश कर से नगरीय निकायों को हस्तान्तरण के लिए 3600 करोड़ का प्रस्ताव है।
- रीवैम्प्ड डिस्ट्रीव्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) के लिए 3526 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- अटल गृह ज्योति योजना के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- सीएम राइज के लिए 3230 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
- मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 3230 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- हाउसिंग फॉर आल के लिए 2800 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पारित किया गया है।
- स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के लिए एक मुश्त अनुदान के लिए 2748 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पारित किया गया है।
- कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय के लिए 2381 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पारित किया गया है।
- माध्यमिक शालाएं के लिए 2221 करोड़ बांध और संलग्र कार्य के लिए 2221 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पारित किया गया है।
- आंगनवाड़ी सेवाएं (सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0) के लिए 2191 करोड़ रुपए, आरक्षित निधियों और जमा लेखाओं को अन्तरण-राज्य आपदा मोचन निधि (एस.डी.आर.एफ.) के लिए 2141 करोड़ रपअ प्रस्तावित किए गए हैं।

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2001 करोड़ करोड़ प्रस्तावित किये गए हैं।
- सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए 1916 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1826 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- नहर और उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए 1814 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध चिकित्सालय के लिए 1556 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- सहकारी बैंकों को अंशपूंजी के लिए 1500 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- जिला/सिविल अस्पताल और औषधालय के लिए 1486 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- कार्यकारी योजना संगठन एवं कार्यकारी वन वृतों की स्थापना के लिए 1381 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं का सौर उर्जीकरण के लिए 1356 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 1317 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) के लिए 1301 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम विशेष पोषण आहार योजना के लिए 1272 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1250 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1144 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- आपदा प्रबंधन योजनाओं को बनाए जाने के लिए 1131 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के लिए 1020 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- सड़कों का सुदृढीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।
- मुख्यमंत्री कौशल अप्रेंटिसशिप योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये गए हैं।