
भोपाल।मध्य प्रदेश की मतदाता सूचियों में पिछले दिनों कई प्रकार की गड़बड़ियां पाईं गईं। जिसकी जांच के बाद मध्यप्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि मतदाता सूची में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिनका या तो निधन हो चुका है या वे वह जगह छोड़कर कहीं और जा चुके हैं। जिसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने कहा था कि जनवरी तक 300000 से अधिक वोटरों के नाम हटाए जा चुके हैं।
दरअसल इस पूरी गड़बड़ी का पता पिछले दिनों ही चला था, वहीं अशोकनगर और मुंगावली विधानसभा चुनाव में हजारोंं की संख्या में फर्जी मतदाताआें के नाम सामने आने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने मप्र में मतदाता सूचियों की निगरानी करना शुरू कर दिया।
ऐसी ऐसी गड़बड़ी...
वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में मृत और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम होने जैसी गड़बड़ी सामने आई। जानकारों का मानना है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का यह आंकड़ा चुनाव में नतीजे प्रभावित कर सकता है।
इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने कहा था कि मध्य प्रदेश में अब तक 6.73 लाख मृतक मतदाताओं के नाम सूची में चिन्हित किए जा चुके हैं| चुनाव आयोग को एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस संबंध में शिकायत भेजी थी,कि मतदाता सूचियों के संशोधन में गड़बड़ी की आशंका है।
दरअसल इस पूरी गड़बड़ी का पता पिछले दिनों ही चला था, वहीं अशोकनगर और मुंगावली विधानसभा चुनाव में हजारोंं की संख्या में फर्जी मतदाताआें के नाम सामने आने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने मप्र में मतदाता सूचियों की निगरानी करना शुरू कर दिया।
ये कहा है रिपोर्ट में...
मध्यप्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी मतदाता गड़बडियों के लिए जिम्मेदार माना गया है। इसमें कहा गया है कलेक्टर की इस मामले में लापरवाही रही है।
ये पाई थी गड़बड़ी...
दरअसल यहां हुए उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची में मृतक मतदाताओं के नाम पाए गए थे, लेकिन उस दौरान कलेक्टर पर कार्यवाही नहीं हुई थी।
Published on:
24 Apr 2018 07:23 pm
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