
MP CM Mohan Yadav's
1972 में उज्जैन उत्तर से जीतकर प्रकाशचंद सेठी मुख्यमंत्री बने थे। वहीं, विधानसभा में 66 सीटों वाले मालवा-निमाड़ से 43 साल बाद फिर मुख्यमंत्री बन रहा है। इसके पहले सुंदरलाल पटवा 20 जनवरी 1980 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उस समय वे मंदसौर से विधानसभा में पहुंचे थे। पटवा ने 5 मार्च 1990 को मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला था, लेकिन तब वे भोजपुर से ही विधायक थे।
बीते दिन प्रदेश भाजपा कार्यालय में सोमवार को मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुनने के ऐलान के साथ ही जश्न का दौर शुरू हो गया। मोहन के उज्जैन स्थित घर में भी परिवार के सदस्य चौंक गए। पत्नी सीमा बोलीं, नहीं पता था वे मुख्यमंत्री बनेंगे। बाबा महाकाल की कृपा मिली। इस दौरान गीता कॉलोनी स्थित पैतृक घर में परिजन, रिश्तेदार, मित्रों का जमावड़ा लगने लगा।
पापा ने लोगों की तकलीफ दूर की
बेटी आकांक्षा यादव ने कहा, पापा के सीएम बनने पर बहुत खुश हूं। उन्होंने हमेशा विकास व आमजन की दु:ख-तकलीफों को दूर करने का काम किया है। अब वे पूरे प्रदेश का विकास करेंगे। बेटा वैभव ने कहा, सोचा नहीं था कि पापा को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।
रीवा से गहरा रिश्ता, यहीं तय हुई शादी
मोहन यादव के वैवाहिक रिश्ते की डोर रीवा से जुड़ी है। 1992 में रीवा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सम्मेलन था। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग भी थे। मोहन के बारे में संघ के एक सदस्य ने शिक्षक ब्रह्मानंद यादव को बताया। ब्रह्मानंद बेटी सीमा की शादी की चर्चा संघ से जुड़े व्यक्ति से की थी। ब्रह्मानंद यहीं मोहन से मिले और उनके घरवालों से शादी तय की।
Published on:
12 Dec 2023 02:27 pm
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