
कांग्रेस का जनता को वचन, सत्ता में आए तो सरकारी दफ्तरों में संघ की शाखा पर लगेगा बैन
भोपाल. मध्यप्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने शनिवार को अपने घोषणा पत्र को 'वचन पत्र' के नाम से जारी किया है। कांग्रेस ने वचन पत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर जिक्र किया है। वचन पत्र में कहा गया गया है कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो आरआरएस के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। कांग्रेस के बटन पत्र में लिखा है, अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो 'शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखायें लगाने पर प्रतिबंध लगायेंगे और शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे।' घोषणा पत्र के 80वें पन्ने पर 47.62 में इसका जिक्र किया गया है।
सॉफ्ट हिंदुत्त की झलक भी: कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा है कि यदि पार्टी मध्यप्रदेश की सत्ता में आती है तो सरकारी इमारतों और परिसरों में RSS की शाखा लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के शाखा में हिस्सा लेने की अनुमति देने के आदेश को भी रद्द कर दिया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अक्सर संघ पर निशाना साधते रहते हैं। एमपी के चुनावों में शाखा के खिलाफ घोषणा करना राहुल गांधी के नजरिये का विस्तार माना जा रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ कांग्रेस के इस वचन पत्र में सॉफ्ट हिंदुत्त की झलक भी देखने को मिली। इस वचन पत्र में भगवान राम, नर्मदा, गौवंश और गौमूत्र का जिक्र करते हुए सॉफ्ट हिन्दुत्व वाला चेहरा पेश करने की कोशिश की गई है।
संघ के खिलाफ हमले कर रहा है कांग्रेस: घोषणा पत्र में सॉफ्ट हिन्दुत्व की झलक देखने को मिली, लेकिन साथ ही कांग्रेस ने राज्य की सरकारी इमारतों और परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि RSS की शाखाओं पर पाबंदी लगाने की घोषणा कर पार्टी और अध्यक्ष राहुल गांधी के उन दावों को और मजबूत कर दिया जिसमें वो RSS पर नफरत फैलाने के आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। कांग्रेस संघ पर लगातार हमला करते हुए संघ पर नफरत फैलाने का आरोप लगा चुके हैं।
Updated on:
11 Nov 2018 10:43 am
Published on:
11 Nov 2018 10:36 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
