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संविदा कर्मचारियों के हित में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नियुक्तियों पर दिया अहम आदेश

MP Contract Teachers Jabalpur High Court संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है।

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MP Contract Teachers contract teachers in MP Jabalpur High Court संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। मध्यप्रदेश में संविदा शिक्षकों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। प्रदेश में संविदा नियुक्तियों पर कोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने संविदा नियुक्तियों के लिए बार-बार की चयन प्रक्रिया को अनुचित और अन्यायपूर्ण करार दिया है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने संविदा शिक्षकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया।

लोक शिक्षण संचालनालय ने हजारों संविदा शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। समग्र शिक्षा अभियान में अनुबंध पर काम कर रहे इन शिक्षकों को 31 मई 2024 को हटा दिया गया। नए अनुबंध पर जुलाई में नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी। इस संबंध में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।

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हाईकोर्ट ने 3386 संविदा शिक्षकों की सेवाएं अचानक समाप्त करने के इस मामले में टीचर्स के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने व्यवसायिक प्रशिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए योग्यता मानदंडों में अनावश्यक बदलाव की आलोचना करते हुए राज्य सरकार को प्रशिक्षकों के हितों की रक्षा के भी निर्देश दिए।

कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यवसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्तियों के लिए नए सिरे से चयन प्रक्रिया की कोई जरूरत नहीं है। प्रशिक्षकों को उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर बनाए रखना चाहिए।

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ये है मामला
लोक शिक्षण संचालनालय ने संविदा शिक्षकों की सेवाएं 31 मई, 2024 को समाप्त कर जुलाई में नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। सन 2021 में भी ऐसी ही स्थिति आई थी, जिसके खिलाफ शिक्षक हाईकोर्ट गए। तब कोर्ट ने आदेश दिया था कि एक अनुबंधित कर्मचारी को दूसरे अनुबंधित कर्मचारी से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

इसी आधार पर संविदा शिक्षकों की सेवाएं समाप्त होने के बाद नवीन व्यावसायिक शिक्षा-प्रशिक्षक महासंघ (NVETA) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इस बार भी व्यवसायिक प्रशिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय ने इस आदेश पर अमल नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने अवमानना का नोटिस भेजा जिसके बाद संचालनालय को नई नियुक्तियों को स्थगित करने के आदेश जारी करने पड़े।

याचिका में सुनवाई के दौरान लोक शिक्षण संचालनालय ने व्यवसायिक प्रशिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाए लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने बार-बार की चयन प्रक्रिया को अनुचित और अन्यायपूर्ण कहा।

संविदा कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
कोर्ट के इस फैसले को न केवल व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए बल्कि सभी संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत बताया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इसे महत्वपूर्ण आदेश निरुपित किया है।