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उत्तरप्रदेश-बिहार के बाद मध्यप्रदेश भी शर्मसार, सीएम ने डीजीपी को दिए निर्देश

Deaf-mute girl raped by hostel director- उत्तरप्रदेश-बिहार के बाद मध्यप्रदेश भी शर्मसार, सीएम ने डीजीपी को दिए निर्देश
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भोपाल

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KRISHNAKANT SHUKLA

•

Updated: 10 Aug 2018, 1:27 PM IST

crime

उत्तरप्रदेश-बिहार के बाद मध्यप्रदेश भी शर्मसार, सीएम ने डीजीपी को दिए निर्देश

भोपाल. मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, ऐसी घटना से मन व्यथित है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। अनाथालय में नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

लड़कियों के हॉस्टलों में हर महीने निरक्षण किया जाने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि हम यह सोचकर अनुदान देते हैं कि संस्था अच्छा चल रहा है पर कौन वहसी कंहा बैठा हो नहीं पता। अब केवल संस्था के भरोसे अनाथालय नहीं चलेंगे। पार्यवेट हॉस्टल के लिए भी नियम बनेंगे। इस घटना में अपराधी को कड़ी सजा मिले उसकी कार्रवाई की जा रही है।

मुजफ्फरपुर और देवरिया के बाद मध्यप्रदेश शर्मसार

बिहार के मुजफ्फरपुर व उत्तरप्रदेश के देवरिया के बाद मध्यप्रदेश के भोपाल में निजी छात्रावास की आदिवासी मूक-बधिर युवतियों से दुष्कर्म की शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। पीडि़तों में से एक ने धार में दुष्कर्म का और दो बहनों ने इंदौर में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। एक अन्य पीडि़ता की भी काउंसलिंग की जा रही है। धार जिले की ये युवतियां मुख्यमंत्री नि:शुल्क आईटीआई प्रशिक्षण लेने भोपाल आईं थी।

आरोपी छात्रावास संचालक गिरफ्तार
ये राजधानी के अवधपुरी में अश्विनी शर्मा के छात्रावास में रहती थी। वह डरा-धमका कर उनसे दुष्कर्म करता था। इसका खुलासा संचालक की छेड़छाड़ से दुखी होकर धार पहुंची दो युवतियों ने इंदौर में किया। इन्होंने वहां शिक्षक को पीड़ा बयान की। इनके आधार पर पुलिस ने अश्विनी के यहां बंधक दो युवतियां को छुड़ाया। अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आश्रय की आड़ में खेला जा रहा गंदा खेल
दो अगस्त को दो युवतियां प्रशिक्षण पूरा कर काउंसलिंग के लिए इंदौर के विजय नगर में मूक-बधिर परामर्श केंद्र पहुंची। यहां उन्होंने शिक्षक ज्ञानेंद्र पुरोहित व मोनिका पुरोहित को अश्विनी शर्मा के छात्रावासों में चल रही अनैतिक गतिविधियों की बात बताई। अश्विनी के 5 मकानों में 25 से अधिक युवतियां पेइंग गेस्ट थी।

इन्हें सरकारी योजना में किराए का पैसा मिलता था। युवतियों ने बताया कि अश्विनी ने उनसे भी दुष्कर्म की कोशिश की। उसे थप्पड़ मार हम भाग आए। उन्होंने वहां रह रहीं धार की दो अन्य मूक-बधिर युवतियों के बंधक बनाकर दुष्कर्म की जानकारी दी।

ऐसे छुड़ाया गया बंधक युवतियों को चंगुल से

अश्विनी ने भोपाल के अवधपुरी इलाके में क्रिस्टल आयडियल सिटी समेत कई कॉलोनियों में पांच से अधिक डुप्लेक्स ले रखे थे। एक डुप्लेक्स पुलिस अधिकारी का भी है। एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि शाम ढलने पर कार से आता था। अकसर उसके साथ युवतियां होती थीं। अश्विनी इटारसी का रहने वाला बताता है। दो साल पहले कैटरिंग का काम शुरू किया फिर गल्र्स हॉस्टल चलने लगा।

राजनीतिक दबाव में छिपाया सच
प्रदेश कांग्रेस की मीडिया अध्यक्ष शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में पुलिस पूरा सच छिपा रही है। आखिर सरकार अश्विनी शर्मा पर मेहरबान क्यों रही। पीडि़ताओं ने पहले भी समाज कल्याण विभाग को शिकायत की थी। कोई सुनवाई नहीं हुई। अन्य छात्रावासों की जांच कराई जाए। सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि आयुक्त से चर्चा कर जांच के लिए कहा है।