भोपाल. 'नीम हकीम खतरा-ए-जान'। भोपाल शहर में ये नीम हकीम और कोई नहीं, बल्कि हियरिंग एड (कान की मशीन) की दुकानों के कर्मचारी हैं। कान की समस्याओं को दूर करने वाली मशीन लगाने से पहले दिग्गज डॉक्टर तक कई जांच करते हैं। मगर हियरिंग एड कर्मचारी हैं कि सिर्फ मरीज के कान में झांककर ही मर्ज का पता लगा लेते हैं। इसी तुक्के आधार पर कान की मशीन भी थमा देते हैं।