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भोपाल. प्रदेश में अगले दो सालों में तीन नए मेडिकल कॉलेज के साथ एमबीबीएस की 1000 से ज्यादा सीटों की बढ़ोतरी होने जा रही है। इसमें 300 सीटें निम्न आय वर्ग के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के पास भेजा है।
प्रदेश में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1870 एमबीबीएस की सीट हैं। 2020-21 में यह 2276 और 2021-22 में 2951 हो जाएंगी। मप्र देश का पहला ऐसा राज्य हो जाएगा, जहां एक साल में एक हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
यह होगा फायदा
मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा सुविधाएं
हर साल ज्यादा डॉक्टर तैयार होंगे
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर से कैंसर और बीमारियों के लिए बड़े शहर नहीं जाना होगा
ट्रांसप्लांट जैसी बड़ी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी
तीन नए मेडिकल कॉलेज होंगे शुरू
दो सालों में तीन नए राजकीय मेडिकल कॉलेज सतना, सिवनी व छतरपुर में चालू हो जाएंगे। इनका शिलान्यास हो चुका है। ये 2021 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। यह केंद्र सरकार की योजना के तहत खुल रहे हैं। चार नए निजी मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो सकते हैं।
सुपर स्पेशियलिटी में 9 से बढकऱ 300 सीटें होंगी
सरकार एमबीबीएस के साथ प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सीटों में इजाफा करने जा रही है। फिलहाल प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी की सिर्फ नौ सीटें हैं। 2020 में यह 100 हो जाएंगी। इसी तरह 2021 में 150 और 2022 में सुपर स्पेशियलिटी की 300 सीटें हो जाएंगी।
मध्यपदे्रश में आने वाले सालों में मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। साथ ही एमबीबीएस के साथ पीजी सीटें भी बढ़ाई जाएंगी।
डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, मंत्री चिकित्सा शिक्षा
पुराने चार मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक
चार पुराने मेडिकल कालेज रीवा, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाया जाएगा। इसके केन्द्र सरकार ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर 150-150 करोड़ और इंदौर मेडिकल कॉलेज को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है। हालांकि भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में फिलहाल सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने की अनुमति नहीं मिली।
Published on:
19 Jul 2019 12:55 pm
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