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राज्यपाल मंगू भाई पटेल की आदिवासियों को अहम सलाह, शादी से पहले कुंडली मिलाने के साथ ये मिलान भी जरूर करें

राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों को सलाह दी है कि, शादी से पहले GCC भी कर लें।

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governor mangubhai patel

राज्यपाल मंगू भाई पटेल की आदिवासियों को अहम सलाह, शादी से पहले कुंडली मिलाने के साथ ये मिलान भी जरूर करें

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में टंट्या भील वार्ड लोकार्पण कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी शामिल हुए। अपने संबोधन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल सिकल सेल रोग पर बड़ी चिंता व्यक्त करते हुए इस गंभीर बीमारी को लेकर जागरूकता लाने की बात कही। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों को सलाह दी है कि, शादी से पहले GCC भी कर लें।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों से कहा कि, शादी से पहले सभी कुंडली का मिलान तो करते ही हैं, ये एक आम बात है। लेकिन, शादी से पहले जेनेटिक काउंसिल कार्ड के मिलान भी जरूर करें। राज्यपाल ने कहा कि, सिकल सेल रोग को 2047 तक पूरी तरह खत्म करना है। इसके लिए जरूरी है कि, जनजातीय समुदाय के युवा, शादी से पहले जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का मिलान भी करें। सिकल सेल रोगी युवक-युवती किसी भी अवस्था में आपस में विवाह न करें। गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच भी जरूर कराएं। प्रसव के 72 घंटों के भीतर नवजात शिशु की जांच भी कराना बेहद जरूरी है।

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कोरोना से भी घातक है सिकल सेल

बता दें कि, राज्यपाल मंगूभाई पटेल शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में टंट्या भील वार्ड लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने संबोधन में आदिवासियों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड के बारे में अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, सिकल सेल रोग जनजातीय समुदाय के लिए कोरोना से ज्यादा घातक रोग है। अनुवांशिक रोग होने की वजह से सिकल सेल पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ी संख्या में लोगों की जान ले रहा है।


केंद्र सरकार ने किया बजट का प्रावधान- राज्यपाल

उन्होंने कहा कि, उन्हें 50 साल पहले इसकी भयावहता की जानकारी हुई थी। वे तभी से रोग उन्मूलन के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मंत्रिमण्डल के चिंतन शिविर में उन्होंने मोदी जी को रोग के संबंध में जानकारी दी। जिस पर उन्होंने तत्काल उपचार और नियंत्रण के प्रयास गुजरात में शुरु कराए। आज गुजरात देश का ऐसा राज्य है, जहां जनजातीय समुदाय की 95 फीसदी आबादी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने साल 2047 तक रोग उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार के बजट में 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।


जीवन की रक्षा सबसे पवित्र कर्म है- राज्यपाल

राज्यपाल पटेल ने कहा कि टीबी, थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि, रोग चिह्नित का कार्य जितनी कम उम्र में होगा। उसका नियंत्रण और उपचार उतना ही असरदार होगा। जरूरी है कि आंगनवाड़ी के बच्चों की जांच कराई जाए। रोग का प्रमाण मिलते हीबच्चों के परिजन की भी जांच हो। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, हर व्यक्ति अपनी क्षमता और सामर्थ्य से जो भी सहयोग कर सकता है, उसे करना चाहिए। बिना ये सोचे कि, उसका योगदान बड़ा है या छोटा। उन्होंने कहा कि, जीवन की रक्षा से बढ़कर कोई भी कार्य अधिक पवित्र नहीं है। इस भाव भावना के साथ सब मिलकर प्रयास करेंगे, तभी इन रोगों से मुक्ति मिल सकती है।