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RTO Barrier: एमपी में आरटीओ बैरियर पर मची ‘खुली लूट’ को रोकने मोहन सरकार का बड़ा एक्शन

RTO Barrier: आरटीओ बैरियर पर जारी लूट की खुली छूट बंद करने गुजरात मॉडल लागू करने को लेकर सरकार एक्शन में..

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RTO barriers,

RTO Barrier: मध्यप्रदेश में आरटीओ बैरियर पर होने वाली खुली लूट को रोकने के लिए प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन ले रही है। अब प्रदेश में आरटीओ बैरियर जैसे लूट चौकी नहीं, बल्कि 45 सेफ्टी पाइंट होंगे, जो रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पाइंट के नाम से जाने जाएंगे। ये वही पाइंट होंगे, जो गुजरात मॉडल की तर्ज पर वाहनों की मानव रहित जांच का काम करेंगे। जिसमें नगद लेन-देन जीरो होगा। परिवहन विभाग के इन सेफ्टी पाइंटों पर पुलिस भी पैनी नजर रखेगी। सरकार अब इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। परिवहन विभाग ने अपर मुख्य सचिव ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को गुजरात मॉडल लागू करने के लिए पत्र लिखा है, जिसमें 211 होमगार्ड जवान प्रतिनियुक्ति पर मांगे हैं। मानव रहित सिस्टम को चलाने के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटरों की जरुरत पर भी कई दौर की बात हो चुकी है। उपकरण खरीदी की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

पत्रिका ने किया था लूट पाइंटों को बेनकाम

प्रदेश में आरटीओ के 47 बैरियर हैं, इनमें से 6 अस्थाई है, जो बंद है, बाकी के सभी चल रहे हैं। पत्रिका ने बारी-बारी से इन पर जारी लूट और उसमें शामिल सिस्टम को बेनकाब किया और सिस्टम के सामने यह बात लाई कि वर्षों पुराने ये बैरियर कमाई का अड्डा बन गए । सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पत्रिका ने परत दर परत इन बैरियरों पर चल रही कई भर्राशाही को उजागर किया। यही नहीं, दो-दो मंत्रियों द्वारा गुजरात मॉडल को लागू करने के वादों में की गई देरी को भी प्रमुखता से उठाया।

मुख्यमंत्री ने की खिंचाई

प्रदेश में नई व्यवस्था बनाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दिनों अफसरों की खिंचाई की। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के सामने जब प्रजेंटेशन आया तो उन्होंने दो टूक कहा कि समस्या नहीं, नया सिस्टम चाहिए। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए।

मुख्यमंत्री ने फिर बुलाई बैठक

इन सेफ्टी पाइंटों की शुरूआत करने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिर बैठक बुलाई है, जो सोमवार को प्रस्तावित है। जिसमें नई व्यवस्था पर हुए काम की समीक्षा होगी। जरुरी निर्णय भी लिए जा सकते हैं।


लूट करने वालों पर नजर

दूसरे राज्यों की सीमा से आने और उनमें प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच व राजस्व की दृष्टि से तत्कालीन समय में खोले गए इन आरटीओ बैरियर को लूट का अड्डा बनाने वालों पर सरकार की नजर है। सूत्रों के मुताबिक इन बैरियरों से छवि को काफी धक्का लगा है, जिसके लिए अलग स्तर पर जांच-पड़ताल कराई जा रही है।

इन राज्यों की सीमाओं पर होंगे ये सेफ्टी चेक पाइंट