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बेटी खाना खिलाने आई तो किसान बाेला-रहने दे अब इसकी जरूरत नहीं !

सूखी जमीन से फसल लेने को मजबूर था किसान,कर्ज से तंग होकर खाया सल्फास!  

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Deepesh Tiwari

Jun 11, 2017

farmer suicide

death of farmer

भोपाल/सांची। एक ओर जहां प्रदेशभर में किसान आंदोलन उग्र होने के बाद शांति की ओर बढ रहा है,वहीं सांची में एक किसान ने कर्ज से तंग आकर गुरुवार रात को सल्फास खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार किसान शाम को जब अपने घर पहुंचा तो बेटी ने उससे खाना खाने को कहा तो सुनकर किसान बोला कि मुझे अब खाना खाने की जरूरत नहीं है, मैंने तो सल्फास खा लिया है।


death of farmer

ऐसे समझें पूरा मामला...
दरअसल सगौनी गांव स्थित हिम्मतगढ़ टोला में रहने वाले एक किसान किशन ने कर्ज से तंग आकर गुरुवार रात को सल्फास खा लिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
सूत्रों का कहना है कि किसान बैंक, साहूकार और बिजली कंपनी के तकादों से तंग आ गया था। किसान हिम्मतगढ़ में 15 एकड़ जमीन पर खेती करता था। उस पर यानि किसान किशन सिंह मीणा पुत्र खूबराम मीणा (45) पर 10 लाख विदिशा की एचडीएफसी बैंक, 5 लाख रुपए निजी साहूकार और पौने दो लाख रुपए बिजली बिल बकाया था।


सल्फास खाकर भाई के घर गया
इस संबंध में किसान के चचेरे भाई नारायणसिंह ने बताया कि गुरुवार शाम किशन ने अपने ही घर में चुपचाप सल्फास खा ली और दूसरे नंबर के भाई हिम्मतसिंह के घर चला गया।
यहां जब उसकी हालत बिगड़ना शुरू हुई तो वह वापस अपने घर आ गया। घर आकर उसने बेटी को बताया कि उसने सल्फास खा ली है। इसके बाद परिजन किशनसिंह को लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। इसी दौरान भोपाल ले जाते समय रास्ते में रात 11 बजे बिलखिरिया के पास किसान ने दम तोड़ दिए।


जानकारी के अनुसार सल्फास खाकर आत्महत्या करने वाला किशनसिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई नवलसिंह और हिम्मतसिंह गांव में रहकर खेती करते हैं। जबकि किशनसिंह का परिवार अलग रहता था।
उसके परिवार में पत्नी सहित चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी पिंकी (22) की शादी हो चुकी है, जबकि प्रियंका (18), दीक्षा(16) और सचिन(12) उसके साथ रहते थे।

wife of farmer

किसान की मौत की खबर सुनते ही उसकी पत्नि सुधबुध खो बैठी और बेहोश हो गई, जिससे काफी देर बाद होश आया।

माता-पिता की समाधि के पास किया अंतिम संस्कार
किसान किशन मीणा का अंतिम संस्कार उसके पिता खूबराम मीणा और मां सरस्वती बाई मीणा की समाधि स्थल के पास ही किया गया। यहां किसान के 12 वर्षीय बेटे सचिन ने पिता को मुखाग्नि दी।

सिर्फ 40 बोरा निकली थी उपज
मृतक किसान के बड़े भाई नवल सिंह मीणा ने बताया कि उसके भाई के खेत में ट्यूबवेल तो लगा है, लेकिन उसे चलाने के लिए बिजली नहीं है। दरअसल तीन साल पहले बिजली कंपनी ने गांव से डीपी उतरवा ली थी। इसके बाद से उसके भाई को सूखी जमीन से फसल लेना पड़ रही थी। इस साल भी मात्र 40 बोरा की उपज निकली थी।


मौत के कारणों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि किशन ने जहर क्यों खाया। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- अवनीश मिश्रा, तहसीलदार रायसेन

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