
cm mohan yadav big action
MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लेते हुए सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को हटा दिया है। सीएम मोहन यादव मिर्जापुर से लौटते वक्त अचानक सीधी जिले के औचक दौरे पर रुके। यहां उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली और बैठक के बाद जब मीडिया ने सीएम मोहन यादव से अचानक दौरे को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि अचानक हुए दौरे का असर भी जल्द दिखेगा और इसके कुछ देर बाद ही सीधी कलेक्टर को हटा दिया गया।
सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण में आम जनता एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों एवं जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों की क्रिया कलापों पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लेने के बाद सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया। सीएम मोहन यादव ने सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से कलेक्टर पद से हटाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक पीएस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने बाद विकास मिश्रा को सीधी जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।
वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है।
गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।
Updated on:
22 Mar 2026 08:34 pm
Published on:
22 Mar 2026 07:19 pm
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