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65 एकड़ ‘सरकारी जमीन’ पर कब्जा: 40 बिल्डिंग और 30 दुकानें बनी; पेट्रोल पंप-स्कूल भी खुले, अब ‘एक्शन’ की तैयारी

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन बड़े एक्शन की तैयारी में है। सरकारी जमीन पर कब्जा की जानकारी सामने आई। जिस पर आने वाले दिनों बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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प्रतीकात्मक फोटो पत्रिका

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से कब्जे पर बड़ी खबर सामने आई है। कोकता स्थित अनंतपुरा में पशुपाल विभाग की 65 एकड़ जमीन का तीसरे दिन शुक्रवार को सीमांकन पूरा हुआ।

जानकारी के मुताबिक, 65 एकड़ सरकारी जमीन पर करीब 40 बिल्डिंग-प्लाट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप और एक स्कूल समेत दो-तीन कॉलोनियों में भी कब्जे निकले हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट पटवारी दो दिन बाद पेश करेंगे। जो कि कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाई जाएगी।

इधर, डायमंड सिटी के आसपास से जुड़ी कॉलोनियों में अवैध कब्जे की बात सामने आई है। स्कूल-पेट्रोल पंप समेत कई बिल्डिंगों पर कब्जा बताया जा रहा है। एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि इसमें मछली परिवार का दखल भी है। हालांकि, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही सबकुछ साफ हो पाएगा।

दरअसल, ड्रग्स और रेप मामले में मछली परिवार के दो सदस्य जेल में बंद हैं। वहीं, दूसरे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। 30 जुलाई और 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते 7 बड़े अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया था। यह सभी निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाए गए थे। जिन जमीनों पर कब्जा था। उनकी अनुमानित कीमत करोड़ों में आंकी गई थी।

पशुपालन विभाग ने दिया था आवेदन

कब्जे की बात सामने आते ही पशुपालन विभाग ने भी गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा को एक आवेदन दिया था। जिसमें कहा गया था उनकी जमीन पर भी कब्जा हो सकता। इसलिए पशुपालन विभाग की जमीन का सीमांकन किया जाए। जब प्रशासन की ओर से जमीन की जानकारी टटोली गई तो कब्जे की बात सामने आई। इसके बाद मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस दिए गए। सीमांकन के दौरान उन्हें भी मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, मछली परिवार के वकील ने मौके पर पहुंचकर कहा कि मछली परिवार का यहां की जमीनों में दखल न होने की बात कही।