
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व करोड़पति कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े मामले में 100 करोड़ रूपये का सोना और कैश सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। इनकम टैक्स विभाग की एडजुडिकेटिंग ऑथरिटी ने भोपाल में की गई कार्रवाई को सही ठहराते हुए सौरभ शर्मा को जब्त सोने का असली मालिक बताया है।
18-19 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात राजधानी भोपाल के मेंडोरी जंगल से आयकर विभाग के अधिकारी लगभग 100 पुलिसकर्मियों के साथ छापेमार कार्रवाई की थी। रेड के दौरान 30 गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया और कार के साथ सोना जब्त किया गया।
एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी द्वारा आयकर विभाग की बेनामी विंगी की कार्रवाई को सही ठहराया था। जिसके बाद अब सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के पास अपील का मौका है। अगर अपील की जाती है तो सुनवाई के बाद फैसला होगा। अगर तय समय के अंदर अपील नहीं की जाती है, तो भारत सरकार सोना और कैश को जब्त करके नीलामी कर सकती है।
आयकर विभाग ने इस लेनदेन को पीबीपीटी अधिनियम की वास्तविक मालिक के तहत बेनामी मानते हुए चेतन सिंह गौर को बेनामीदार और सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक बताया है। वहीं, विभाग के द्वारा सौरभ शर्मा, सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 32 से अधिक अचल संपत्ति और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी इन मामलों एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी का फैसला आना बाकी है।
Published on:
05 Mar 2026 07:57 pm
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