12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1 हजार करोड़ के कमीशन मामले में महिला मंत्री का बड़ा दावा, बोलीं- PMO से नहीं आए जांच के निर्देश

MP News: मध्यप्रदेश की मंत्री संपतिया उईके पर एक हजार करोड़ रुपए कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। जिस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि पीएमओ से जांच के कोई निर्देश नहीं आए हैं।

2 min read
Google source verification
mp news

फोटो- Sampatiya Uikey Facebook

MP News: मध्यप्रदेश की पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उईके पर 1 हजार करोड़ रुपए का कमीशन लेने का आरोप लगा है। इसमें दावा किया गया है कि पीएमओ में शिकायत की गई और केंद्र से रिपोर्ट मांगी गई है। जिस पर मंत्री संपतिया उईके ने सफाई देते हुए कहा है कि पीएमओ को कोई जांच के निर्देश नहीं आए हैं।



क्या बोलीं संपतिया उईके


मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि सांच को आंच नहीं। जिस तरीके जांच करना हैं करें। मैं गरीब आदिवासी मजदूर वर्ग में हूं। जनता जनार्दन की सेवा कर रही हूं। मुझे कुछ लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। इस मामले में सीएम डॉ मोहन यादव जवाब देंगे। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार है। यदि पीएमओ से कोई जांच के निर्देश नहीं आए हैं। कैबिनेट बैठक में मैं मुख्यमंत्री जी से बात करूंगी।




क्या बोले राजेंद्र शुक्ला


डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दोस्तों सबसे पहले तो हमें ये देखना चाहिए कि एलीगेशन लगाने वाला व्यक्ति कौन है। जिस व्यक्ति ने एलगेशन लगाया है, उसके बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है कि वो किस प्रकार का है। इसलिए हमें इस प्रकार से कोई भी अनर्गल लगाए गए आरोप और उसको संज्ञान में यदि हम लेंगे तो सुशासन में भी फर्क पड़ता है और इस प्रकार के लोगों का हौसला बुलंद होता है कि हम इस प्रकार से कीचड़ उछाल के और किसी की प्रतिमा को खराब करने की कोशिश करें। ऐसे लोगों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए जो जरूरी कारवाई सब होगी लेकिन यह तय है कि जो ये आरोप लगा है वो आधारहीन है ऐसे व्यक्ति के द्वारा लगाया गया है। मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होगी तो उन्होंने कहा कि यदि प्रोसीजरल गलती हुई है जिसमें मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश कौन दे सकता है, तो इसमें संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


आगे राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस प्रकार का कोई नहीं आया परिणाम सामने आए तो क्या कारवाई शासन स्तर पर हो रही है और क्या निकल के बाहर आ रहा है यह बात सही यह बात स्पष्ट है कि आधारहीन आरोप है ऐसे मंत्री पर लगाया गया है जिसकी एक प्रतिष्ठा जो है राजनतिक जो उसका बैकग्राउंड है हमारे ट्राइबल समाज की एक ऐसी नेता है वो महिला है जो बड़े लगन के साथ काम कर रही है विधानसभा के अंदर जब अपने विभाग के बजट के प्रस्ताव रख रही थी तो सभी ने जाके उनको बधाई भी दी थी इतने अच्छे तरीके से अपने विभाग का संचालन वो कर रही है आदिवासी महिला उसको टारगेट करना यह निंदनीय है और आधार इन आरोप लगा के किसी को शब्द खराब करने जाता है।