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mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। बीते कुछ घंटों में प्रदेश में लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लिए हैं और तीन कर्मचारियों जिनमें दो पुलिसकर्मी और एक प्रभारी आरआई शामिल है को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है।
शुक्रवार को मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील के प्रभारी आरआई (राजस्व निरीक्षक) देवेन्द्र जैन को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है। प्रभारी तहसीलदार देवेन्द्र जैन ने मचकला गांव के रहने वाले किसान ब्रखभान धाकड़ से उसकी जमीन का नक्शा सुधारने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सौदा 4 हजार रुपये में तय हुआ था और एक हजार रुपये पहले ही आरआई देवेन्द्र जैन किसान ब्रखभान धाकड़ से ले चुका था। फरियादी किसान ने लोकायुक्त कार्यालय में आरआई के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त ने शुक्रवार को रिश्वत 2 हजार रुपये देने के लिए फरियादी को आरआई के पास भेजा। आरआई देवेन्द्र जैन ने सिद्धेश्वर कॉलोनी स्थित अपने आवास पर जैसे ही किसान ब्रखभान धाकड़ से रिश्वत की रकम ली तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
शुक्रवार को ही मध्यप्रदेश के खरगोन में भी लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर ASI को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। खरगोन जिले के कसरावद थाने में पदस्थ ASI रवींद्र कुमार गुरू ने चंदावड़ गांव तहसील भगवानपुरा के रहने वाले श्यामलाल उपाध्याय से उसके खिलाफ दर्ज शिकायत का निवारण करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। फरियादी के द्वारा रिश्वतखोर ASI रवींद्र कुमार गुरू की शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शुक्रवार को बस स्टैंड पर ASI रवींद्र कुमार गुरू को फरियादी श्यामलाल उपाध्याय से 7 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा।
इससे पहले गुरुवार रात को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजेश परते को लोकायुक्त भोपाल की पुलिस ने 2200 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था। रिश्वतखोर प्रधान आरक्षक राजेश परते ने सतवासा निवासी आवेदक रेवाराम प्रजापति से 10 हजार रुपये की रिश्वत एक मामले को रफा दफा करने के एवज में मांगी थी। प्रधान आरक्षक लगातार फरियादी पर रिश्वत के लिए दबाव बना रहा था।
Published on:
27 Mar 2026 04:40 pm
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