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MP News: मध्य प्रदेश पुलिस अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए विदेशी नस्ल के प्रशिक्षित कुत्तों का सहारा लेगी। इन डॉग्स को शराब को सूंघने के लिए ट्रेंड किया जाएगा। पुलिस को डॉग्स स्क्वॉड में इन्हें कम से कम 10 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा। ये प्रशिक्षित कुत्ते यह पता लगाएंगे कि नकली शराब कहां बन रही है। किन गाड़ियों से इनकी तस्करी की जा रही है। या फिर किस जगह शराब को छिपाया गया है।
पुलिस जिन विदेशी नस्ल के आलिया जैसी डॉग्स को शराब सूंघने की ट्रेनिंग देगी उनमें जर्मन शेफर्ड, बेल्जियन मैलिनोइस और डोबर्मन शामिल हैं। ये सभी नस्लें अपनी बुद्धि, शक्ति और प्रशिक्षण क्षमता के लिए जानी जाती हैं। विदेशी कुत्तों में गजब की सूंघने की क्षमता होती है।
इनकी तीव्र इंद्रियां और प्रशिक्षण क्षमताएं अपराधों को अधिक प्रभावी ढंग से हल करने में मदद करेगी। इन डॉग्स को एल्कोहल और नशीली दवाओं की गंध को सूंघने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। यह उन्हें अपराध स्थलों और छिपे हुए ठिकानों पर इन पदार्थों का पता लगाने में मदद करेगा।
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करीब तीन डॉग्स और 12 हैंडलर की टीम के प्रशिक्षण और सेलरी आदि पर सालाना लगभग 40 से 50 लाख का खर्च आएगा। डॉग्स को कम से कम 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। जरूरत पडऩे पर स्निफर डॉग को हैदराबाद स्थित इंटिग्रेटेड इंटेलिजेंस ट्रेनिंग सेंटर (आइआइटीए) में शराब और अन्य मादक पदार्थ सूंघकर पता लगाने की ट्रेनिंग के लिए भी भेजा जाएगा।
Published on:
11 Jul 2024 01:46 pm
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