
mp news: मध्यप्रदेश में 230 सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। इतना ही नहीं 24 अधिकारी-कर्मचारी तो ऐसे हैं जिनकी नौकरी लगभग तय हो चुका है। ये जानकारी मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी गई है। जानकारी मध्यप्रदेश सरकार के जन जातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने लिखित में दी है। जिन अधिकारी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में हैं उन सभी ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया है।
विधायक डॉ. राजेन्द्र सिंह ने सवाल किया था फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच के संबंध में साल 2015 से आज तक किसने किसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उन शिकायतों की जांच में क्या कार्रवाई की गई है। जिसके जवाब में जन जातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने लिखित में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 232 कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग लोगों द्वारा शिकायतें की गई हैं। जिनके खिलाफ जांच की जा रही है हालांकि अधिकांश के खिलाफ अभी तक जांच ही चल रही है।
वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में बताया गया कि 2020 के बाद पिछले चार साल में 24 अधिकारी कर्मचारियों के जातिगत प्रमाण पत्र निरस्त किए जा चुके हैं। इन्हीं फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल की थी। अब जब जांच में उनके जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए और उन्हें निरस्त कर दिया गया है तो अब इन 24 अधिकारी कर्मचारियों की नौकरी जाना तय माना जा रहा है।
Updated on:
21 Dec 2024 04:26 pm
Published on:
21 Dec 2024 04:25 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
