
MP News Poisonous Water: गंदगी के बीच से निकली पानी की लाइन।(photo:patrika)
MP News: राजधानी के गैस प्रभावित इलाकों में अब दूषित पानी नसों में जहर घोल रहा है। नगर निगम के कुल 85 वार्डों में से करीब 36 वार्डों को आधिकारिक रूप से 'गैस प्रभावित' माना गया है, जिनकी आबादी 7.5 से 8.5 लाख के बीच आंकी गई है। जय प्रकाश नगर, काजी कैंप छोला व कैंची छोला, सिंधी कॉलोनी और डीआईजी बंगला, आरिफ नगर और फिरदौस नगर जैसी 22 मुख्य कॉलोनियां में हालात बदतर हैं। लोगों ने कहा कि पानी इतना गंदा है कि अगर नहा लो तो शरीर में बदबू आने लगती है।
राजधानीभोपाल के इन इलाकों में न तो शुद्ध पानी की व्यवस्था है और न ही पुरानी, टूटी पाइप लाइनों को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी से बदबू आती है। शाम पांच बजे नवाब कॉलोनी की अधिकतर गलियों में पाइप लीकेज का पानी भरा रहता है। पानी आने के समय सड़कों और नालियों में लीकेज की आवाज सुनाई देने लगती है। गलियों में पानी भर जाता है, जो अब नल के पानी के आने का संकेत बन गया है।
शबाना ने बताया कि पानी आने की जानकारी लीकेज की आवाज से चलती है। गलियां पानी से भर जाती हैं। मोहित वर्मा ने कहा कि बच्चे गंदा पानी पीकर बीमार हो जाते हैं। नहाने का मन नहीं करता क्योंकि शरीर बदबू माने लगता है।
अशलान ने बताया कि पाइप लाइन वाले पानी से बदबू आती है। कोई बाहरी व्यक्ति या मेहमान इस पानी को पीने से बचता है। सद्दाम खान कहते हैं कि एक-दो सप्ताह बाहर रहकर आओ, तो यह पानी पीया नहीं जाता।
स्थानीय निवासी हबीब ने बताया कि पूरी कॉलोनियों संगठित रूप से समय-समय पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ और सीएम मोहन यादव तक, सबको इस समस्या के बारे में बताया है।
Published on:
06 Jan 2026 10:13 am
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