
6 new constables given notice over viral reel (Patrika.com)
MP News: खाकी पर इन दिनों रील बनाने की ऐसी सनक सवार है कि वर्दी की गरिमा और अनुशासन का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ताजा मामला रीवा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से सामने आया है, जहां पुलिस आरक्षक प्रशिक्षण ले रहे 6 नव आरक्षकों ने वर्दी में फूहड़ रील (Viral Police Reel) बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।
रील में आरक्षकों ने वर्दी का रौब दिखाते हुए कहा, शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है। हमारे पास पैसा नहीं तो क्या हुआ, मंथली तो आता है। हमारे पास कपड़ा नहीं तो क्या, वर्दी तो है ना। आरक्षकों द्वारा यह रील सोशल मीडिया पर डालते ही वायरल हो गई। इसके बाद लोगों ने वर्दी की गरिमा, अनुशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।
मामला जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया, रीवा पीटीएस के एसपी सुरेंद्र कुमार जैन ने छहों नव आरक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान समय-समय पर वर्दी में रील न बनाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद 25 फरवरी को रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई। जिसे हजारों लोगों ने देखा और उस पर पुलिस विभाग के प्रति नकारात्मक टिप्पणियां भी की गईं। नोटिस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) द्वारा रीलबाजी पर रोक लगाने के लिए कई बार एसओपी जारी की जा चुकी है। इनमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वर्दी पुलिस की गरिमा, अनुशासन और जनता के विश्वास का प्रतीक है, इसलिए इसका उपयोग मनोरंजन या निजी पहचान बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ड्यूटी के दौरान वर्दी में निजी वीडियो बनाना तथा संवेदनशील या गैर-आधिकारिक विषयों पर पोस्ट करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद समय-समय पर ऐसे मामले सामने आ ना रहे रहे हैं, हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। (MP News)
Published on:
26 Feb 2026 11:14 pm
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