
Alwar people statement on petrol and diesel price hike
भोपाल@हरीश दिवेकर की रिपोर्ट...
महंगे डीजल-पेट्रोल से हलाकान लोगों के लिए देश के दूसरे राज्यों ने भले ही वैट में कमी कर जनता को राहत दी हो, लेकिन मध्यप्रदेश में अब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
यहां पेट्रोल पर 25.58 रुपए एवं डीजल पर 18.51 रुपए टैक्स लग रहा है। इसके अलावा डीलर मार्जिन अलग से है। यानी 54.96 की बेसिक प्राइज वाला पेट्रोल टैक्स-मार्जिन मिलाकर ग्राहकों को 86.47 रूपए प्रति लीटर खरीदना पड़ रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में सरकार अन्य राज्यों की तुलना में वैट कम करके जनता को राहत दे सकती है। हाल ही में राजस्थान ने 4 प्रतिशत, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश ने 2-2 प्रतिशत वैट कम किया है।
जानकार बताते हैं कि यदि वैट जो कि प्रतिशत में लग रहा है, उसे हटाकर प्रति लीटर रुपए में बदलाव कर दें तो इससे ईंधन के मूल्य में तेजी-मंदी का असर नहीं होगा। उदाहरणस्वरुप यदि केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 1 रुपए मूल्य बढ़ाती है तो प्रदेश में कीमत 1.32 रुपए बढ़ेगी। इसी प्रकार डीजल की कीमत 1.23 रुपए हो जाएगी।
ऐसा है टैक्स का गणित (प्रति लीटर)
पेट्रोल पर
54.96 रुपए बेसिक प्राइज
17.40 रुपए वैट (28 प्रतिशत)
4.00 रुपए सेस (प्रति लीटर)
3.00 रुपए डीलर मार्जिन
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कुल- 86.47 रुपए।
डीजल पर
57.49 रुपए बेसिक प्राइज
17.00 रुपए वैट (23 प्रतिशत)
1.92 रुपए डीलर मार्जिन
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कुल- 76.61 रुपए रिटेल प्राइज
उत्पाद शुल्क
सामान्य पेट्रोल पर 19.48 रुपए का उत्पाद शुल्क लगता है, जबकि ब्रांडेड पेट्रोल पर यह 20.66 रुपए है। सामान्य डीजल पर 15.33 रुपए और ब्रांडेड डीजल पर 17.69 रुपए का उत्पाद शुल्क लगता है।
एक्सपर्ट व्यू
जिस समय पेट्रोल-डीजल के रेट कम हो रहे थे तब सरकार ने रेट ऑफ टैक्स बढ़ाया था। अब चूंकि पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ रहे हैं तो सरकार को चाहिए कि बढ़े हुए रेट ऑफ टैक्स को कम कर दें। इससे जनता को राहत मिलेगी। राजस्व में भी कोई कमी नहीं होगी। इसके अलावा सरकार को चाहिए कि वैट को प्रति लीटर के हिसाब से फिक्स कर दें। इससे यदि केन्द्र सरकार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाती भी है तो राजस्व मेंटेन रहेगा।
राजेश जैन, कर सलाहकार
Published on:
11 Sept 2018 08:37 am
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