
भोपाल। डीआईजी साहब, मैं वचन देता हूं, गुंडा प्रवृत्ति का कोई कार्य नहीं करूंगा। जो गलतियां हुई हैं, वह दोबारा नहीं होंगी। कुछ ऐसा ही लिखा आवेदन लेकर मंगलवार को डीआईजी संतोष कुमार सिंह की जनसुनवाई में बरखेड़ा सालम खजूरी थाना क्षेत्र में रहने वाला अनोखीलाल पहुंचा।
उसने बताया कि साहब, ताश-पत्ते खेलने की वजह से खजूरी थाना पुलिस ने उसे गुंडा सूची में डाल दिया है। इलाके में कोई बड़ा अपराध होने पर पुलिस उसे आए दिन उठाकर थाने ले आती है। इससे उसके परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पाता। डीआईजी ने अनोखीलाल को मामला दिखवाने की बात कहकर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
पंचायत का चरित्र प्रमाण पत्र दिखाया
अनोखीलाल ग्राम पंचायत बरखेड़ा सालम की सरपंच चन्दा मेवाड़ा का लिखा चरित्र प्रमाण-पत्र भी डीआईजी को आवेदन के साथ दिया। पंचायत ने अनोखीलाल के बारे में लिखा कि पुलिस ने गुंडा निगरानी समिति में नाम दर्ज कर लिया है, लेकिन इनका गांव में आचरण अच्छा है। न ही किसी विवाद हुआ है। भविष्य में जो गलतियां हुई हैं, वह दोबारा नहीं होंगी।
बढ़ती उम्र-बीमारी का किया दावा
लिली टॉकीज के पीछे रहने वाले बादशाह खान ने दिया। उन्होंने कहा, पुलिस ने उसे गुंडा सूची में डाल दिया था। उसने कहा, बीमारी से वह उठ नहीं पाता। उम्र भी अब 60 के पार हो गई। अब नाम काट दो।
इधर, शिकंजा कसने की कार्रवाई
आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए राजधानी पुलिस ने बांड भरवाने की कार्रवाई शुरू की है। पहले दिन बांड भरवाने का आंकड़ा सवा तीन सौ से ऊपर पहुंच गया है। अपराधी बांड की शर्तों का उल्लंघन करेंगे, तो उन्हें सजा भी भुगतना पड़ेगी और उनकी बांड की राशि भी जब्त कर ली जाएगी। यह फैसला अपराधियों और अपराधों पर अंकुश लगाने की मंशा से लिया गया है।
राजधानी में आते ही भोपाल डीआईजी संतोष कुमार सिंह ने अपराधियों का धारा 107,116 के तहत बांड भरवाने के निर्देश दिए थे। उसकी शुरुआत मंगलवार से की गई है। पहले दिन भोपाल उत्तर जिले में 132 और दक्षिण जिले में 202 बांड भरवाए गए हैं।
भोपाल के सभी थानों में तकरीबन तीन से पांच बांड भरवाए गए हैं। कई थानों की पुलिस ने बेहतरीन काम भी किए हैं। सबसे ज्यादा 22 अपराधियों के प्रस्ताव बजरिया थाना प्रभारी डीपी सिंह ने पेश किए हैं।
इधर,जेल डीजी को तीन दिन में देनी होगी जांच कर देंगे रिपोर्ट:
राजधानी सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर अपने परिजनों से मिलने पहुंचे बच्चों के चेहरे पर लगाए गए सरकारी मुहर के ठप्पे का मुद्दा मंत्री से लेकर जेल मुख्यालय तक पहुंच गया है। मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना का खुलासा होने के बाद जेल मंत्री कुसुम मेहदेले ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जेल मंत्री ने जेल डीजी संजय चौधरी से तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट पेश होने के बाद दोषी पर कार्रवाई के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने पहुंचे थे। जेलकर्मियों ने बजाए हाथ में सील लगाने की जगह मासूम बच्चों के चेहरे पर ही सरकारी मुहर का ठप्पा लगा दिया।
आयोग ने डीजी जेल से मांगा जवाब -
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सेन्ट्रल जेल में कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों के चेहरे पर सील लगाने की घटना पर संज्ञान लिया है। आयोग ने जेल महानिदेशक से सात दिन में इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।
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आयोग का मानना है कि यह घटना अमानवीय और मानव मूल्यों के विरुद्ध है। इसमें बच्चों के मौलिक व मानवाधिकारों का हनन हुआ है। आयोग ने कहा कि चेहरे पर सील लगाकर बच्चों की गरिमा के अधिकार को छीना गया है और उन्हें मानसिक प्रताडऩा दी गई है। क्यों न इसके लिए पीडि़तों को 10 हजार की राहत राशि देने की अनुशंसा की जाए। आयोग ने पीडि़तों के नाम और पते की जानकारी भी चाही है।
जेल डीजी संजय चौधरी से इस मामले की रिपोर्ट को तीन दिन में पेश करने के लिए कहा है, रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कुसुम महदेले, जेल मंत्री
जेल मुख्यालय की तरफ से सेंट्रल जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे को नोटिस भेजा गया है। हाथ की जगह बच्चों के चेहरे पर सील किसने लगाई, इसकी रिपोर्ट जल्द पेश करें।
- गाजीराम मीणा, जेल एडीजी
Published on:
09 Aug 2017 09:08 am
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