
MP Politics: मध्यप्रदेश के चर्चित परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में लगातार कांग्रेस-बीजेपी के बीच पलटवार हो रहे हैं। इस मामले पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने पिछले ही हफ्ते प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बोला था कि गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन विभाग देने के लिए सिंधिया जी को तरफ से बहुत प्रेशर था। ये क्या दबाव था ये तो वही बता सकते हैं।
इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह पर कहा कि दिग्विजय सिंह मुझे कब टारगेट नहीं करते?यह कोई नई बात है क्या? उनकी जिंदगी चली गई, मुझे और मेरे पिताजी को टारगेट करते-करते। मैंने कभी राजा साहब को टारगेट नहीं किया। आज भी मिलता हूं तो मैं प्रणाम ही करता हूं। जिसकी विचारधारा जैसी भी हो, वह उसी आधार पर अपनी लाइन खींचे। मेरी विचारधारा जनता की सेवा करने की है। वो मेरा टारगेट है।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सिंधिया पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं और अर्जुन सिंह हम लोग ही माधवराव सिंधिया को सन् 1979-80 में कांग्रेस में लाए थे। संजय गांधी, इंदिरा जी से मिलवाया था। माधव राव महाराज के समय उनको जो भी सम्मान मिला, केन्द्र में मंत्री बने, पार्टी में महामंत्री बने। उनको पूरी इज्जत दी वो कांग्रेस ने दी। मेरा उनसे कोई विवाद न कभी था न कभी रहा। क्योंकि, उनको कांग्रेस में लाया था। अब ज्योतिरादित्य सिंधिया बच्चे हैं। पत्रिका के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने यह प्रतिक्रिया दी।
दिग्विजय सिंह ने परिवहन विभाग के पूर्व आरटीओ सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिली काली कमाई पर सवाल उठाए थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी तब ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन और राजस्व विभाग देने का दबाव आया था। वे ऐसा क्यों चाहते थे, ये सिंधिया जी ही बता सकते हैं।'
Updated on:
13 Jan 2025 05:43 pm
Published on:
13 Jan 2025 05:42 pm
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