
पीसीबी में गोलमाल है, सब गोलमाल है...
भोपाल. मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में करोड़ों की गड़बडिय़ां हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अनजान बन रहे हैं। वैसे तो सीधे तौर पर यह माना जा रहा है कि पीसीबी में लंबे समय से जमे कुछ जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि इसमें विभागीय मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी अंधेरे में रखा जा रहा है, ताकि पूर्व की जांचों की तरह इस जांच में भी लीप-पोत कराई जा सके।
मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बोर्ड ऑफ डारेक्टर्स की मीटिंग में तत्कालीन महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव व उनके सहयोगियों को अंधाधुंध भुगतान करने का मामला संचालक मंडल के सदस्य हरभजन शिवहरे ने जोरदारी से उठाया था। उन्होंने लाखों रुपए के भुगतान पर को गलत बताते हुए कई बिंदुओं पर सवाल उठाए थे, लेकिन फिर भी भुगतान किए जाते रहे। बाद में इस मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू में की गई और तत्कालीन सदस्य सचिव एए मिश्रा एवं प्रशासनिक अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव ने आरोपियों को दूसरी जगह ट्रांसफर के आदेश दिए थे, जिससे वे जांच प्रभावित न कर सकें।
पीसीबी के जिम्मेदार सूत्रों का कहना है कि शासन ने तत्कालीन प्रमुख सचिव पर्यावरण अनुपम राजन को दोनों अधिकारियों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के आदेश भी कर दिए थे, जिससे जांच प्रभावित नहीं कर सकें। इसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया। इस बीच ऐसा मैनेज किया गया कि दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर दूसरी जगह नहीं किया गया। सिर्फ एए मिश्रा को सदस्य सचिव पद से हटाकर भोपाल का रीजनल और जोनल अफसर बना दिया गया।
डायरेक्टर स्तर व वेतनमान के अधिकारी को रीजनल अफसर बनाया जाना भी सवालों के घेरे में है। पीसीबी के नए सदस्य सचिव इससे अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं, जबकि सूत्रों का दावा है कि शासन की ओर से सीएस के निर्देश इन दोनों अधिकारियों को अन्यत्र स्थानांतरिक किए जाने के थे। ऐसा नोटशीट में दर्ज बताया जा रहा है। सुधीर श्रीवास्तव को हाईकोर्ट में जबलपुर व जिला कोर्ट गाडरवाडा में गलत जानकारी जानकारी के चलते पूर्व में पीसीबी के सदस्य सचिव बीके सिंह ने उनकी बोर्ड के प्रति निष्ठा को संदिग्ध बताते हुए निलंबित किया था। गौरतलब है कि इस मामले की जांच एए मिश्रा ने की थी।
पूर्व सदस्य सचिव एए मिश्रा का ट्रांसफर मेरे आने से पहले का है। उनको अन्यत्र स्थानांतरित करने का शासन आदेश संबंधित दस्तावेज बोर्ड मुख्यालय में नहीं हैं। एए मिश्रा और सुधीर श्रीवास्तव के खिलाफ ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने से संबंधित मामले की पूरी स्टडी करने के बाद ही बता पाऊंगा। संवेदनशील मामले में ऐसे कुछ नहीं बोल सकते।
- डॉ. आरएस कोरी, मेम्बर सेक्रेटरी, एपीपीसीबी
Published on:
27 Sept 2019 09:45 am
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