
Madhya Pradesh Heavy Rain
भोपाल। बीते कई दिनों से मध्य प्रदेश में बारिश अपना कहर बरसा रही है। अब तो हालत ऐसी हो गई है कि ये कहर बनकर लोगों की जिंदगी पर हावी हो रही है। बारिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए है कि लोगों को अपने घरों को छोड़कर राहत और बचाव शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। प्रदेश के कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जहां पर भारी बारिश और नदियों-बांध का पानी बस्तियों, घरों तक पहुंचने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। इस बीच लगभग 45 हजार लोगों को राहत और बचाव शिविरों में शरण लेनी पड़ी।
गांधी सागर बांध ओवरफ्लो
बीते दिन हालात और ज्यादा बिगड़ गए। मंदसौर में गांधी सागर बांध ओवरफ्लो है। इस वजह से हाइड्रो पावर यूनिट भी ठप हो गई है। दोनों जिलों में सौ से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने अब केंद्र से मदद मांगी है। सितंबर महीने की शुरुआत से लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से मध्यप्रदेश में हालात और बिगड़ गए हैं। एमपी सरकार ने अब केंद्र से मदद मांगी है। हालांकि अभी तक जनहानि नहीं हुई है। सभी प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।
अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल-इंदौर में सोमवार-मंगलवार को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 22 सितंबर तक बारिश होती रहेगी। 23 सितंबर के बाद ही बारिश से राहत की उम्मीद है। बता दें कि अब तक केवल भोपाल शहर में 165.37 सेमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 83% ज्यादा है। बारिश के कारण मुंबई से भोपाल आने वाली इंडिगो की फ्लाइट भी रन वे पर नहीं उतारी गई। इन्हें इंदौर डायवर्ट किया गया।
इन जगहों पर है रेड अलर्ट
बीते कई दिनो से बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए मध्य प्रदेश के रतलाम, शाजापुर, आगर, राजगढ़, धार, झाबुआ, अलीराजपुर नीमच, मंदसौर और उज्जैन में अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के साथ ही देवास, सीहोर, इंदौर, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, गुना, शिवपुरी, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। फिलहाल मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटों तक बारिश से राहत की कोई संभावना नहीं है।
Published on:
16 Sept 2019 12:59 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
