
श्याम सिंह तोमर
भोपाल. मध्यप्रदेश का पहला राज्य स्तरीय उत्कृष्टता कौशल विकास केंद्र शुजालपुर में तैयार हो चुका है। इसमें मार्च 2022 से 18 से 35 वर्षीय युवाओं का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। आवासीय-मैस की सुविधा वाले इस केंद्र में पहले चरण में हैंडलूम, कारपेट निर्माण, सोलर पावर प्लांट व उपकरण निर्माण के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
छह महीने की अवधि वाले वाले दोनों पाठ्यक्रमों में 30- 30 सीटें रखी गई हैं, जिनके लिए पंजीयन अनिवार्य शर्त है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट. कॉरपॉशिन (NSDC) और राज्य ओपन स्कूल बोर्ड की सील-मुहर वाले इस खास सर्टिफिकेट कोर्स को करने पर युवाओं के प्लेसमेंट यानी नौकरी की व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार पर आर्थिक निर्भरता खत्म करने के लिए नौकरी में आने के बाद युवाओं को हर महीने तीन दिन का वेतन तीन साल तक देना होगा, ताकि उससे प्रशिक्षण का सिस्टम चलता रहे। भविष्य में स्किल के रूप में रेडीमेड गारमेंट, बैम्बू और टेराकोटा सामग्री निर्माण के सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
युवा हुनरमंद बनेंगे, बच्चों के लिए डिजाइन की विधा
ओपन बोर्ड के निदेशक प्रभात राज तिवारी बताते हैं कि शुजालपुर में ईएफए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर को बहुद्देश्यीय बनाया जा रहा है। राज्य स्तरीय उत्कृष्टता कौशल विकास केंद्र में युवा प्रशिक्षण से हुनरमंद बनेंगे तो ईएफए स्कूल के कक्षा 6 से 12 तक छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर आधारित डिजाइन की विधा सीखने को मिलेगी। स्कूल में इसके लिए 40 सीटर कम्प्यूटर लैब 4 फरवरी को खुल चुकी है।
इस तरह होगा काम
मार्च॑ से हैंडलूम (पावरलूम नहीं) पर खादी, सूती, सिल्क, टसर कपड़ा व कारपेट बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कपड़े में लगने वाले धागे, डाइंग का मार्केट भी विकसित होगा। मंत्री, स्कूल शिक्षा इंदर सिंह परमार ने कहा कि युवाओं को कौशल सिखाकर, फिर उनके प्लेसमेंट तक की व्यवस्था कर रहे हैं। राज्य स्तरीय उत्कृष्टता कौशल विकास केंद्र हमेशा चलता रहे, इसके लिए भी मॉडल विकसित किया गया है।
Published on:
08 Feb 2022 06:56 pm
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