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Mp vidhan sabha 5-Day: नल जल मिशन को लेकर विधानसभा में हंगामा, एमपी बजट 2024 पारित

Mp vidhan sabha monsoon session: मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। शुक्रवार को पांचवां दिन है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक मुद्रा में है। सदन में बजट पर चर्चा होगी।

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भोपाल

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Manish Geete

Jul 05, 2024

mp vidhan sabha budget session

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। शुक्रवार को पांचवां दिन है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक मुद्रा में है। सदन में बजट पर चर्चा होगी। आज भी नर्सिंग घोटाले पर हंगामे के आसार बताए जा रहे हैं। वहीं शुक्रवार को नलजल मिशन में घोटाले का मुद्दा भी छाया हुआ है। इस पर भी हंगामा चलता रहा। दोपहर में भारी हंगामे के बीच एमपी बजट 2024-25 पारित कर दिया गया।

मध्यप्रदेश विधानसभा में पहले ही दिन से नर्सिंग घोटाले सहित कई मुद्दों पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है। गुरुवार को रात 10 बजे तक सदन की कार्यवाही जारी रही। कई मुद्दों पर चर्चा हुई। आरोप प्रत्यारोप के दौर चले। बताया जा रहा है कि सदन की कार्यवाही शुक्रवार को भी रात तक चल सकती है।

Live Updates

3.35 PM

भारी हंगामे के बीच विधानसभा में एमपी बजट 2024-25 पारित कर दिया गया। कई मुद्दों पर दिनभर हंगामे की स्थिति रही। सदन में हंगामे का दौर अब भी जारी है।

3.30 PM

दो दिन चली चर्चा के बाद शुक्रवार को भी हंगामा जारी रहा।

2.30 PM

नर्सिंग घोटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश

भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष नर्सिंग घाटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। वो मदरसों का मुद्दा उठा रही है।

1.45 pm

ओम सिंह मरकाम बोले

सदन में हंगामे के बीच जब 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई तब बाहर आए विधायकों से पत्रिका ने बात की। कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर चर्चा करने से बच रही है सरकार। इसलिए सदन से वॉक आउट करना पड़ा।

1.40 pm

आतंकी कनेक्शन पर बोली पूर्व मंत्री

पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने विधानसभा में पत्रिका से बात करते हुए खंडवा में पकड़े गए आतंकियों के बारे में बात की तो उषा ठाकुर ने कहा कि आतंकियों के मदरसा कनेक्शन की जांच हो। क्योंकि मदरसे में कैसी गतिविधियां संचालित हो रही है, सबको पता चलना चाहिए। मदरसों में हिन्दू बच्चों के पढ़ने पर भी चिंता व्यक्त की गई।

1.30 PM

विधानसभा की कार्यवाही जारी।

1.20 PM
आज भी बगैर ब्रेक के चलेगी सदन की कार्यवाही। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को रात 10 बजे तक सदन की कार्यवाही चली थी।

12.00 pm
उमंग सिंघार ने कहा कि जल जीवन मिशन के कामों में शिवराज सरकार के वक्त से घोटाला हो रहा है। अब डा. मोहन यादव की सरकार दोषियों को बचा रही है। जो जनता को पानी नहीं दे पा रही है वो सरकार फेल है।

11.30 AM
विधानसभा में बजट सत्र के पांचवे दिन जल जीवन मिशन के कार्यों में भ्रष्टाचार का मुद्धा उठाते हुए भाजपा विधायक प्रभुराम चौधरी ने कहा कि कई स्थान ऐसे हैं जहां नल लगे हैं, लेकिन पानी नहीं पहुंचता है। अपने क्षेत्र के लिए प्रभुराम चौधरी ने कहा कि 49 गांवों में इस प्रकार की समस्या है। जो काम पूरे बता दिए गए हैं, उनकी जांच की जाए और दोषी अफसरों पर कार्रवाई हो।

इसके जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज ही निर्देश जारी करेंगे कि कलेक्टर बैठक करें और नलजल में पानी मिलने की व्यवस्था कराएं। जांच कराने के लिए इंजीनियर को भी भेजा जाएगा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि पूरे प्रदश में जल जीवन मिशन में घोटाला हो रहा है। सरकार को कार्रवाई के लिए कहा जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष इस पर व्यवस्था तय करें।

इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में कहा कि प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष की ओर से इस तरह की बात उचित नहीं है, इसे विलोपित किया जाना चाहिए। भारी शोर शराबा होने लगा तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया। तोमर ने कहा कि इस तरह की स्थिति नहीं बनना चाहिए। अनुमति लेकर अपनी बात करना चाहिए। इससे असंतुष्ट विपक्ष नारेबाजी करते हुए वाकआउट करने लगे।

गुरुवार को रात 10 बजे तक चली सदन की कार्यवाही

विधानसभा में बजट पर चर्चा गुरुवार को हंगामेदार रही। बिना ब्रेक रात 10 बजे चली सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने बजट की कमियां गिनाई तो सत्ता पक्ष ने बजट को ऐतिहासिक और विकास के रोडमैप वाला बताया।

स्पीकर ने पहले सदन की कार्यवाही एक घंटे फिर अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दी। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट पर अपनी बात रखी। कहा, डबल इंजन सरकार कर्ज में डूब रही है। बजट नियंत्रण में भी विफल रही। बजट आंकड़ों की बाजीगरी है।

आरोप लगाए कि व्यापमं, पटवारी और नर्सिंग घोटालों के शिकार युवाओं के घाव पर मरहम लगाने के इंतजाम नहीं किए। गांव- गांव पानी पहुंचाने की बात कही जा रही है, पर हकीकत यह है कि जलजीवन मिशन में 20 हजार करोड़ का तो किसानों के लिए केचुए खरीदी में 110 करोड़ का घोटाला किया।

किसानों का गेहूं 2700, धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल दाम पर खरीदने और लाड़ली बहनाओं को 3000 रुपए देने का संकल्प बजट में कहीं नहीं दिखता, लेकिन कर्जा कैसे चढ़े, इसका पूरा इंतजाम है।