
MP Weather (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP Weather: प्रदेश के उत्तर पश्चिमी हिस्सों से मानसून की विदाई बुधवार से शुरू हो गई है। लेकिन पूरे प्रदेश से मानसून विदा होने में थोड़ा समय लग सकता है। इस बीच प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटो के दौरान, प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला जारी रहा। वहीं रीवा संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक-दो दिन यानि 26 और 27 सितंबर तक में एमपी के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश(Heavy Rain) हो सकती है। आज भी प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के अंदर एमपी के मंडला और बालाघाट जिले में भारी बारिश(Heavy Rain) की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में झंझावत और वज्रपात का अलर्ट है।
पूरे प्रदेश से मानसून विदा होने में थोड़ा समय लग सकता है। खासकर दक्षिण, पूर्वी हिस्से के साथ मध्यक्षेत्र के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह या उसके बाद ही होने के आसार है। इसका कारण यह है कि यांमार तट पर हवा की ऊपरी भाग में चक्रवर्ती हवा का घेरा बना है जो गुरुवार से कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है । यह 26 सितंबर को दक्षिण उड़ीसा और उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे लगे क्षेत्र में कम दबाव के क्षेत्र के रूप में बनेगा।
प्रदेश से मानसून की विदाई बुधवार से शुरू हो गई है। पिछले सालों में आमतौर पर मानसून की विदाई अक्टूबर माह में ही हुई है, लेकिन इस बार तय समय पहले मानसून की विदाई प्रदेश के उत्तर पश्चिमी हिस्से से शुरू हो गई है। इस बार प्रदेश में मानसून पूरे 100 दिन सक्रिय रहा है। प्रदेश में मानसून की इंट्री 16 जून को हुई थी, जबकि वापसी 24 सितंबर को हो रही है। सात साल बाद मानसून सितंबर में विदा हुआ है। इसके पहले 2017 में 30 सितंबर और 2015 में 29 सितंबर को विदा हुआ था।
इसी प्रकार भोपाल सहित प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों से मानसून की विदाई में थोड़ा समय लग सकता है। भोपाल से अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही विदाई की उमीद जताई जा रही है। प्रदेश में मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी सप्ताह में होती है। नीचम से सामान्यत 26 सितंबर से मानसून की विदाई शुरू होती है। इस लिहाज से पिछले दस सालों में पहली बार समय से पहले मानसून विदा हुआ है।
प्रदेश के नीमच, श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों से बुधवार को मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो तीन दिनों में कुछ और जिलों से मानसून की वापसी हो सकती है, हांलाकि आने वाले एक दो दिनों में एक और सिस्टम बंगाल की खाड़ी की ओर सक्रिय होने की उम्मीद है।
Updated on:
25 Sept 2025 03:29 pm
Published on:
25 Sept 2025 03:29 pm
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