
सांसदों को लोकसभा क्षेत्र के 40 गांवों में गुजारनी होगी रात
भोपाल. संसद के मानसून सत्र के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनावी राज्यों के भाजपा सांसदों को जिम्मेदारी सौंपी है। शाह ने निर्देश दिए हैं कि लोकसभा क्षेत्र में आने वाले हर विधानसभा क्षेत्र के पांच गांवों में सांसद को दौरा कर वहां रात गुजारनी होगी। सांसद लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे। 15 अगस्त के बाद सांसदों के दौरे शुरू हो जाएंगे। मध्यप्रदेश में भाजपा के 26 लोकसभा और 8 राज्यसभा सदस्य हैं।
गांव-गरीब पर फोकस
चुनाव में जीत के लिए भाजपा गांव और गरीब पर खास ध्यान दे रही है। पार्टी के सर्वे में सामने आया है कि गांव में लोगों में नाराजगी ज्याद है, इसलिए सांसदों को ये जिम्मा सौंपा गया है। एक लोकसभा क्षेत्र में औसतन आठ विधानसभा क्षेत्र होते हैं, एक विधानसभा क्षेत्र के पांच गांव यानी आठ विधानसभा क्षेत्रों के 40 गांवों में सांसदों को दौरे करने हैं।
सांसद प्रदेश व केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताने के साथ ही जिन लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला है उन्हें मौके पर ही हितग्राही बनाया जाएगा। गांव में किसी अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग के यहां भोजन करना होगा और वहां रात भी गुजारनी होगी।
गोद लिए गांवों की मांगी रिपोर्ट
अमित शाह ने सभी सांसदों से गोद लिए गांवों की रिपोर्ट मांगी है। पीएम मोदी ने सांसदों से दो-दो गांव गोद लेकर उन्हें आदर्श ग्राम बनाने के निर्देश दिए थे, जिनमें सभी घरों में शौचालय, बिजली, पानी, सडक़ और सफाई के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्शन भी होगा, लेकिन कई सांसदों ने इस पर ज्यादा गौर नहीं किया। इस रिपोर्ट के जरिए यह सुनिश्चित हो जाएगा कि किस सांसद ने अपने गांवों को आदर्श बनाया है।
मैं राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार गांवों में दौरे और वहां रुकने का कार्यक्रम तैयार कर रहा हंू। लोगों को प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा।
आलोक संजर, सासंद, भोपाल
मैं तो हमेशा ही गांवों के दौरे पर रहता हंू, लोगों से जुडऩे का सीधा फायदा पार्टी को होता है। 15 अगस्त के बाद लगातार दौरे करूंगा।
प्रहलाद पटेल, सासंद, दमोह
Published on:
12 Aug 2018, 7:48 AM IST
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