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अहमदाबाद में पत्नी की हत्या कर भोपाल में सीएसपी के पति के घर रुका था कातिल

टीटी नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का केस

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भोपाल. अयोध्या नगर सीएसपी बिट्टू शर्मा के पति स्पोट्र्स टीचर प्रवीण भटेले के शैक्षणिक दस्तावेज से बैंक मैनेजर पत्नी सजनी की हत्या का आरोपी तरुण जिनराज 15 साल से बंगलुरु में मल्टीनेशनल आइटी कंपनी में नौकरी कर रहा था। तरुण ने अपना नाम बदलकर सीएसपी के पति का नाम रख लिया था। वह सीएसपी के पति के दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाकर दो बार यूएस भी घूम आया।

इसका खुलासा तब हुआ जब सजनी हत्याकांड के 15 साल बाद अहमदाबाद की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 24 अक्टूबर 2018 को तरुण को बंगलुरु से गिरफ्तार किया। तरुण ने अहमदाबाद पुलिस की पूछताछ में कबूला कि वह भोपाल में पदस्थ पुलिस अधिकारी बिट्टू शर्मा का क्लासमेट था, जबकि उनके पति जूनियर थे। पत्नी की हत्या के बाद वह काफी दिनों तक प्रवीण की मदद से भोपाल में रहा। टीटी नगर पुलिस ने प्रवीण की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोधाखड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस तरुण को ट्रांजिट रिमांड पर अहमदाबाद जेल से लेकर आएगी। तरुण मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर एग्जिक्यूटिव के पद पर काम कर रहा था।

2003 में वेलेंटाइन-डे पर की थी सजनी की हत्या
तरुण का अहमदाबाद में रहने वाली किसी आरजे से प्रेम चल रहा था, दोनों शादी करना चाहते थे, पर पत्नी सजनी आड़े आ रही थी। अहमदाबाद के बोपल इलाके के हीरा-पन्ना फ्लैट की तीसरी मंजिल में उसने 14 फरवरी 2003 वेलेंटाइन-डे पर पत्नी सजनी की हत्या कर दी। पुलिस ने तरुण को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, लेकिन वह बयान बदलता रहा। पूछताछ के दौरान उसकी तबियत बिगडऩे पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पुलिस की निगरानी से वह भाग निकला। पुलिस ने उसके सारे दोस्तों से पूछताछ की पर उसका पिछले 15 साल से पता नहीं चल पा रहा था।
दूसरी पत्नी के दो बच्चे
अहमदाबाद पुलिस को हाल ही में पता चला कि तरुण बंगलुरु में रहकर एक आइटी कंपनी में जॉब कर रहा है। पुलिस ने देर रात उसके दफ्तर की घेराबंदी उसे पकड़ लिया। यहां उसने दूसरी शादी भी कर ली थी जिससे उसके दो बच्चे हैं।

बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का दिया था काम
तरुण कॉलेज में मेरा सीनियर था। 1996 में पढ़ाई छोडऩे के बाद से उससे कोई संबंध नहीं था। अचानक मार्च 2003 में तरुण मेरे घर आया। उसने बताया कि उसे नौकरी की तलाश है। मैंने उसे बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का काम दे दिया। खान-पान रहन-सहन की व्यवस्था कराई। इसी बीच उसने मेरे ऑफिस केजे टॉवर जवाहर चौक से मेरे शैक्षणिक दस्तावेज स्कैन कर ई-मेल कर लिए। इसके बाद आय न होने की बात कहकर वह बड़ी नौकरी की तलाश में चला गया। 25 अक्टूबर को मीडिया से मुझे जानकारी मिली कि तरुण मेरे दस्तावेज का दुरुपयोग कर नौकरी कर रहा था। इसी बीच अहमदाबाद पुलिस ने मुझसे संपर्क कर पूरी घटना के बारे बताया।
(प्रवीण भटेले, सीएसपी बिट्टू के पति ने जैसा कि टीटी नगर पुलिस को बताया।)