
Murugan's parents live in a normal house with asbestos roof L Murugan
भोपाल. भारतीय जनता पार्टी ने डा. एल मुरुगन को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. यहां एक सीट पर राज्यसभा का चुनाव होना है. कांग्रेस ने इस चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने से इंकार कर दिया है. विधायकों की संख्या के हिसाब से भाजपा उम्मीदवार का चुना जाना तय था, इस वजह से कांग्रेस ने राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा की थी. ऐसे में एल मुरुगन का निर्विरोध चुनाव तय है.
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन मूलत: तमिलनाडु के हैं जहां भाजपा को अभी भी अपनी जमीन की तलाश है. वे भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। भाजपा के दक्षिण में विस्तार के लिए चुने गए चेहरों में एल मुरुगन भी शामिल हैं. वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। सन 1997 में एल मुरुगन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ—आरएसएस से जुड़ गए थे. कॉलेज के समय से ही संघ से उनका यह जुड़ाव अभी भी बरकरार है.
आरएसएस के सक्रिय सदस्य रहे मुरुगन को इसी वजह से केंद्र में मंत्री भी बनाया गया था. उनका जन्म 29 मई 1977 को तमिलनाडु के नमक्कल जिले के पारामती में हुआ था। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से कानून में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की. एल मुरुगन के पास वकालत में 15 वर्षों का अनुभव है और वे मद्रास उच्च न्यायालय के बेहद सफल वकील रहे हैं. केंद्र में मंत्री बनने के पूर्व तक मुरुगन वकालत कर रहे थे और इस क्षेत्र में उनके नाम का डंका बजता था.
सन 2011 में एल मुरुगन ने राशिपुरम से तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन वे बुरी तरह हार गए थे। उन्हें केवल 1730 वोट ही प्राप्त हुए जोकि कुल मतदान का महज 1.07 मत प्रतिशत था। मुरुगन अंग्रेजी और तमिल के अलावा धाराप्रवाह तेलुगु भी बोल सकते हैं। वे मद्रास विश्वविद्यालय से कानून में पीएचडी कर रहे हैं। आधिकारिक रूप से उनकी शुद्ध संपत्ति ₹2.68 CRORE है. खास बात यह है कि उनपर एक रुपए का भी कर्ज नहीं है।
मुरुगन और उनका परिवार अपनी सादगी के लिए जाना जाता है. मुरुगन के माता—पिता एसबेस्टस की छत वाले एक बेहद सामान्य से घर में रहते हैं. उन्होंने मजदूरी कर अपने परिवार का पालन—पोषण किया. मुरुगन के मंत्री बन जाने के बाद भी माता—पिता मजदूरी करते हैं. पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग के साथ सूचना एवं प्रशासन मंत्रालय में राज्यमंत्री मुरुगन के माता—पिता वारुदम्मल और लोगननाथन कुछ दिनों के लिए नई दिल्ली गए जरूर पर उनका मन नहीं लगा. वे बेटे का बंगला छोड़कर दोबारा गांव आ गए।
Published on:
18 Sept 2021 01:34 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
