
भोपाल। नगर निगम को शहरवासियों की स्वच्छता संबंधी शिकायतों का निपटारा जल्द करना होगा। समस्याओं के समाधान की गति भी बढ़ानी होगी, शहरवासियों का कहना है कि अभी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बीते एक माह में करीब 800 शिकायतें पेंडिंग हैं। सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों के स्तर पर भी लंबित शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि सर्वेक्षण की टीम कभी भी भोपाल पहुंच सकती है।
ऐसे में सफाई की बेहतर स्थिति शहर के अंक बढ़ाने में मददगार साबित होगी। सबसे अधिक पेंडेंसी जोन-10 में है। इसके बाद जोन-९, जोन-18 व19 में है। बीते 20 दिनों से यहां शिकायतें आ रही हैं, लेकिन दूर नहीं किया जा रहा है। गुलमोहर कॉलोनी में पूर्व पार्षद व पूर्व एमआईसी आशाराम शर्मा ने अपने घर के पीछे प्लॉट पर गंदा पानी जमा होने की शिकायत दर्ज कराई थी। क्षेत्रीय सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अशोक माहेश्वरी तक से खुद चर्चा की, लेकिन बीते चार माह से समस्या बनी हुई है। सागर रॉयल होम्स के रहवासियों की शिकायत को भी लंबा समय हो गया। इसी तरह कोलार के राजहर्ष कॉलोनी में गंदा पानी फैलने की करीब दस शिकायतें 23 दिन से पेंडेंसी में हैं।
महापौर ने धर्मगुरुओं से मांगा सहयोग
इधर, सोमवार को महापौर आलोक शर्मा ने धर्मगुरुओं के साथ शहर की स्वच्छता एवं सुंदरता की ब्रांडिंग करने का निर्णय लिया। कहा- धर्मगुरु समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दें। बैठक में सनातन धर्म, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, जैन एवं बौद्ध समाज के धर्मगुरु शामिल थे।
शिकायतों का निराकरण करा रहे हैं। आदमपुर छावनी में नई लैंडफिल साइट विकसित कर सूखे कचरे से बिजली बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शहर के 10 स्थानों पर स्थापित कचरा कलेक्शन सेंटर्स पर गीले कचरे से जैविक खाद एवं गैस का निर्माण करने की कवायद की जा रही है।
- आलोक शर्मा, महापौर
Published on:
20 Feb 2018 08:14 am
